गाजीपुर – कासिमाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित MRD पब्लिक स्कूल में उर्दू भाषा में कराई गई प्रार्थना का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक छात्रा उर्दू में प्रार्थना कराती दिखाई दे रही है, जबकि अन्य छात्र उसमें शामिल नजर आ रहे हैं।
क्षत्रिय महासभा ने जताई आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद क्षत्रिय महासभा ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन नाबालिग बच्चों का “ब्रेनवॉश” कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे हिंदू परिवारों से हैं और इतनी कम उम्र में किसी विशेष धार्मिक विचारधारा से जोड़ना अनुचित है।
सीबीएसई नियमों के उल्लंघन का आरोप
क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि सीबीएसई बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी भी विद्यालय में किसी एक धर्म विशेष का प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे जनपद का पहला मामला बताया, जिसमें इस तरह की गतिविधि सामने आई है।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं MRD पब्लिक स्कूल के प्रबंधक श्रीनाथ यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय में नियमित रूप से अंग्रेजी भाषा में प्रार्थना कराई जाती है। उर्दू में कराई गई प्रार्थना एक विशेष कार्यक्रम के तहत कराई गई थी।
“भाषा उत्सव” कार्यक्रम के तहत हुई प्रार्थना
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, सीबीएसई बोर्ड के सर्कुलर के तहत विद्यालय में “भाषा उत्सव” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ‘लैंग्वेज इन लेसन’ पहल के तहत हिंदी, उर्दू, पंजाबी, भोजपुरी सहित विभिन्न भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में सप्ताह में एक दिन भाषा परिवर्तन के साथ प्रार्थना कराई जाती है। उर्दू में की गई प्रार्थना का वीडियो करीब 10 दिन पुराना है, जो अब सामने आया है।
प्रशासन से जांच की मांग
क्षत्रिय महासभा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल की मान्यता, फीस संरचना और शैक्षणिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उच्च अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भूपेंद्र सिंह, हर्ष सिंह, मिथलेश सिंह, विशाल सिंह, शिवम सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
कासिमाबाद के उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार ने बताया कि शिकायत को संज्ञान में ले लिया गया है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














