मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को मुजफ्फरनगर में 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में “सुरक्षा, सुशासन और सेवा” का मजबूत मॉडल स्थापित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व आज भी षड्यंत्र फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि 2017 से पहले प्रदेश में उद्योगों का विकास ठप था और भर्तियों में भाई-भतीजावाद हावी रहता था।
माफिया की जगह तो केवल मिट्टी में होगी,
बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले के लिए धरती माता के पास कोई जगह नहीं होगी… pic.twitter.com/g9y1IljP2x
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 13, 2026
सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में नए उद्योग नहीं लगते थे, बल्कि पुराने उद्योग भी बंद हो रहे थे। उस समय बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और मुरादाबाद जैसे जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी, जिससे प्रदेश की पहचान पर भी संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने कहा कि आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं—रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
भर्ती प्रक्रिया पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले नियमों का पालन नहीं होता था और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया जाता था, लेकिन अब पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां की जा रही हैं।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि “राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती।” उन्होंने लोकमाता Ahilyabai Holkar की प्रतिमा के अनावरण का उल्लेख करते हुए कहा कि महापुरुषों का योगदान पूरे देश के लिए होता है, न कि किसी एक जाति या वर्ग के लिए।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 13, 2026
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में नहीं बांधना चाहिए। उन्होंने B. R. Ambedkar का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समाज के उत्थान के लिए कार्य किया।
सीएम योगी ने घोषणा की कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों—जैसे Ravidas, Valmiki, Gadge Maharaj और Jyotirao Phule—की सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए धन उपलब्ध कराएगी। जहां भी इन प्रतिमाओं के लिए बाउंड्री वॉल या छत नहीं है, वहां आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास और सामाजिक समरसता दोनों पर समान रूप से जोर देते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।














