मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। जैसे ही शिवसेना (यूबीटी), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने संयुक्त चुनावी घोषणा-पत्र जारी किया, वैसे ही सियासी गलियारों में बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी लड़ाई तेज़ हो गई।
सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश ठाकरे भाइयों की एकजुटता से मिला है। सालों बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर साथ दिखाई दिए, जिसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
“हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली जैसा मिलन” – संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ठाकरे भाइयों की एकजुटता को “हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF)” जैसा मिलन बताया। रविवार को दोनों नेता शिवसेना भवन में साथ नजर आए। खास बात यह रही कि राज ठाकरे सालों बाद शिवसेना भवन पहुंचे, जिससे भावनात्मक माहौल बन गया।
राज ठाकरे ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा,
“ऐसा लग रहा है जैसे मैं 20 साल बाद जेल से छूटकर आया हूं। नया शिवसेना भवन पहली बार देख रहा हूं। 1977 में शिवसेना भवन बना था और उसी साल जनता पार्टी की सरकार आई थी। शिवसेना भवन आज भी मेरे दिल में बसा है।”
उद्धव ठाकरे का महायुति पर जोरदार हमला
इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि
“आज शरद पवार की एनसीपी, मनसे और शिवसेना एक साथ चुनाव लड़ रही हैं।”
महायुति पर हमला बोलते हुए उद्धव ने आरोप लगाया कि
“पहले वोट चोरी किए गए और अब उम्मीदवारों की सीधी चोरी हो रही है।”
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही सरकार पर सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं में 3 लाख करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप भी लगाया।
मराठी मानुष और मेयर का मुद्दा बना चुनावी हथियार
राज ठाकरे ने दो टूक शब्दों में कहा,
“महाराष्ट्र में मेयर मराठी और हिंदू ही होगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उनका घोषणा-पत्र मराठी भूमिपुत्र के लिए है, जबकि सत्ताधारी दल का वचन-पत्र सिर्फ “मुंबईकर” शब्द तक सीमित है।
उद्धव ठाकरे ने भी सवाल दागा –
“क्या बीजेपी मराठी को हिंदू नहीं मानती?”
संयुक्त घोषणा-पत्र की 10 बड़ी चुनावी गारंटियां
गठबंधन ने BMC चुनाव के लिए कई लोकलुभावन और बड़े वादे किए हैं:
🔹BEST उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट मुफ्त बिजली
🔹घरेलू कामकाजी महिलाओं को ₹1500 मासिक स्वाभिमान निधि
🔹कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए डे-केयर सुविधा
🔹1 लाख युवाओं को स्वरोजगार सहायता, गिग वर्कर्स को ई-बाइक के लिए ब्याज-मुक्त कर्ज
🔹₹10 में नाश्ता और दोपहर का भोजन (मातोश्री / मां साहेब किचन)
🔹700 वर्गफुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स माफ
🔹मुंबई में 5 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
🔹BMC का सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल
🔹BEST बस किराया 5-10-15-20 रुपये फ्लैट, 10,000 इलेक्ट्रिक बसें
🔹रोजगार के लिए मुंबई आने वाले मराठी युवाओं के लिए हॉस्टल सुविधा
‘मेयर मराठी ही होगा’ – गठबंधन का एलान
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि
“मेयर मराठी ही होगा, यह मुंबई की ऐतिहासिक परंपरा है।”
एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता विद्या चव्हाण ने दावा किया कि मुंबई की जनता ठाकरे परिवार और शरद पवार के साथ खड़ी है और चुनाव में गठबंधन को समर्थन देगी।
BJP का पलटवार: ‘झूठ का पुलिंदा’
बीजेपी ने इस संयुक्त घोषणा-पत्र को “झूठ का पुलिंदा” करार दिया है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में कोविड के दौरान बड़े घोटाले हुए, और यह वचन-पत्र केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
चुनाव आयोग में शिकायत, कानूनी पेंच गहराया
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अधिवक्ता डॉ. गुणरत्न सदावर्ते ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के संयुक्त घोषणा-पत्र के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कई वादे असंवैधानिक, गैरकानूनी और आर्थिक रूप से अव्यावहारिक हैं, जो फ्रीबीज की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने इसे भ्रष्ट चुनावी प्रथा बताते हुए संबंधित नेताओं पर कार्रवाई और संभावित अयोग्यता की मांग की है।
BMC चुनाव से पहले ठाकरे भाइयों की एकजुटता, मराठी मानुष का मुद्दा, बड़े लोकलुभावन वादे और अब कानूनी चुनौती—इन सबने महाराष्ट्र की राजनीति को पूरी तरह गर्मा दिया है।
अब सबकी नजरें चुनाव आयोग और मुंबई की जनता के फैसले पर टिकी हैं।














