पटना: बिहार की राजनीति में जारी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा निर्णय लेते हुए नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए बिहार का केंद्रीय पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किया है।
शिवराज की देखरेख में होगा सीएम का चुनाव
बीजेपी के इस फैसले के बाद अब बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन शिवराज सिंह चौहान की देखरेख में होगा। माना जा रहा है कि वे जल्द ही पटना पहुंचकर बीजेपी विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जिसके बाद विधायक दल का नेता चुना जाएगा और उसी नाम पर मुख्यमंत्री पद की मुहर लगेगी।
हाईकमान का चौंकाने वाला फैसला
हालांकि पहले मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों की चर्चा चल रही थी, लेकिन बीजेपी नेतृत्व ने अचानक शिवराज सिंह चौहान को यह अहम जिम्मेदारी सौंपकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। पार्टी के संसदीय बोर्ड ने आधिकारिक रूप से उनकी नियुक्ति की पुष्टि भी की है।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव हेतु श्री @ChouhanShivraj, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। pic.twitter.com/EzDE0GmEax
— BJP (@BJP4India) April 12, 2026
14 अप्रैल की कैबिनेट बैठक अहम
इसी बीच बिहार सरकार ने 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट बैठक बुलाई है, जो मुख्य सचिवालय में आयोजित होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है और कयास लगाए जा रहे हैं कि यह नीतीश कुमार के कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक हो सकती है। इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी की भी संभावना जताई जा रही है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। बीजेपी द्वारा शिवराज सिंह चौहान को ऑब्जर्वर बनाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि नए मुख्यमंत्री के चयन में उनकी भूमिका केंद्रीय होगी। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।














