कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ भाजपा की ‘चार्जशीट बुक’ जारी की। भाजपा ने इस दस्तावेज़ का नाम “Abhiyognama” रखा है, जिसमें ममता बनर्जी सरकार के 15 वर्षों के शासन में कथित भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोपों को संकलित किया गया है। पार्टी ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।
चार्जशीट जारी करते हुए अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनाव को सिर्फ राज्य की लड़ाई नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान पश्चिम बंगाल देश में घुसपैठ का एक बड़ा मार्ग बन गया है और इसके पीछे तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा की राजनीति है। शाह ने कहा कि यह चुनाव “डर बनाम भरोसे” की लड़ाई है।
गृह मंत्री ने ममता बनर्जी पर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का आरोप लगाया और कहा कि बंगाल की जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे विवादों पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि टीएमसी अपने वोट बैंक की रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोरपर भी खतरा बढ़ा है।
The Mamata government has turned Bengal into a den for infiltrators, criminals, and the corrupt, pushing the state back by decades. Releasing Chargesheet Against TMC Govt.#15YearsOfTMCFailures https://t.co/xl1f9aJHVI
— Amit Shah (@AmitShah) March 28, 2026
भाजपा की इस चार्जशीट में कथित तौर पर प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की गिरावट, महिलाओं की सुरक्षा, सिंडिकेट राज, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे 14 क्षेत्रों में टीएमसी सरकार की कथित विफलताओं को प्रमुखता से रखा गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह दस्तावेज़ उनके चुनावी अभियान की भूमिका तैयार करेगा और बाद में जारी होने वाले घोषणापत्र से पहले जनता के बीच भाजपा का आरोप-पत्र पेश करेगा।
अमित शाह ने यह भी दावा किया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए जरूरी कदम तेज़ी से उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी बंगाल में विकास, सुरक्षा और पारदर्शी शासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी, जबकि ममता बनर्जी सरकार पर उनका मुख्य हमला भ्रष्टाचार, घुसपैठ और हिंसा के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।














