नोएडा: जब कड़ाके की ठंड आम जनजीवन को ठिठुरा रही है और सबसे अधिक पीड़ा उन लोगों को सहनी पड़ रही है जो बीमारी से जूझते हुए अस्पताल के बिस्तरों तक सीमित हैं, ऐसे समय में एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट (ईएमसीटी) ने मानवता और संवेदना की एक मिसाल पेश की। संस्था की ओर से ईएसआई अस्पताल परिसर में भर्ती आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए कंबल वितरण अभियान चलाया गया, जिसने ठंड में जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी।
सेवा के दौरान भावुक कर देने वाले दृश्य
अस्पताल परिसर के बाहर आयोजित इस सेवा अभियान के दौरान कई मार्मिक दृश्य देखने को मिले। ठिठुरती ठंड में इलाजरत मरीज, बुज़ुर्ग और उनके परिजन लगातार सहायता के लिए पहुंचते रहे। कंबल वितरण समाप्त होने के बाद भी जरूरतमंदों की कतार बनी रही, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि सर्दी उनके लिए कितनी पीड़ादायक बन चुकी है।
250 जरूरतमंदों तक पहुंची राहत
ईएमसीटी द्वारा शनिवार और रविवार की रात से अब तक 250 गर्म कंबलों का वितरण किया जा चुका है। इस पहल ने न सिर्फ ठंड से राहत दी, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को यह एहसास भी कराया कि समाज उनके साथ खड़ा है।
‘यह केवल कंबल नहीं, इंसानियत की गर्माहट है’
इस अवसर पर ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पाण्डेय ने भावुक शब्दों में कहा—
“यह केवल कंबलों का वितरण नहीं है, यह उन लोगों तक इंसानियत की गर्माहट पहुँचाने का प्रयास है जो इस समय सबसे अधिक पीड़ा में हैं। ईश्वर की कृपा और हमारे सहयोगियों के विश्वास से ही हम यह सेवा कर पा रहे हैं। सच कहूँ तो मेरे पास शब्द नहीं हैं, बस कृतज्ञता है।”
@rashmip1 @OfficialGNIDA कड़ाके की ठंड में मानवता की मिसाल
EMCT द्वारा ईएसआई अस्पताल में जरूरतमंद भर्ती मरीजों को 250 गर्म कंबलों का वितरण किया गया।
सेवा, संवेदना और सहयोग से जगी उम्मीद की लौ।#EMCT #सेवा #मानवता #कंबलवितरण #ESIHospital #SocialWork pic.twitter.com/2FeFPP0oBc
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) January 12, 2026
टीमवर्क बना सेवा की ताकत
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में ईएमसीटी की पूरी टीम ने एकजुट होकर कार्य किया। हर सदस्य का एक ही उद्देश्य था—ठंड से जूझ रहे मरीजों को राहत देना और उन्हें यह विश्वास दिलाना कि वे इस संघर्ष में अकेले नहीं हैं।
सहयोगियों का सराहनीय योगदान
इस पुनीत कार्य में सरोज मौर्य, अनिल मौर्य, रावत जी, अजय, सरिता सिंह, गरिमा श्रीवास्तव, अनूप सोनी, हिमांशु राजपूत एवं प्रिंस शर्मा का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिनकी मदद से यह सेवा अभियान संभव हो सका।
ईएमसीटी का यह मानवीय प्रयास एक बार फिर यह साबित करता है कि जब समाज, सेवा और संवेदना एक साथ आती हैं, तो सबसे कठिन हालात में भी उम्मीद की लौ जल उठती है। कड़ाके की ठंड के बीच ईएमसीटी की यह पहल जरूरतमंदों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही।














