गाज़ीपुर – करंडा क्षेत्र अंतर्गत धरवां ग्रामसभा में तैनात सचिव के खिलाफ ग्राम प्रधान द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। प्रधान ने जिलाधिकारी से लिखित शिकायत कर संबंधित सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है।
प्रधान के अनुसार, सचिव विद्यानंद सिंह अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। साथ ही सचिव का व्यवहार भी असहयोगात्मक बताया गया है।
प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों के भुगतान के लिए कथित रूप से कमीशन की मांग की जाती है। कमीशन न देने पर भुगतान रोक दिया जाता है, जिससे ग्रामसभा के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, सचिव के बार-बार चिकित्सीय अवकाश पर रहने से भी कामकाज बाधित होने की बात कही गई है।
मामले की शिकायत पहले खंड विकास अधिकारी से भी की गई थी, जिसके बाद अस्थायी रूप से दूसरे सचिव की तैनाती की गई। हालांकि, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध न होने से कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है।
वहीं, सचिव विद्यानंद सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहते हैं और एक नाली निर्माण के भुगतान को लेकर गुणवत्ता संबंधी विवाद है, जिसकी जानकारी उन्होंने उच्चाधिकारियों को दे दी है।














