दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। सत्र के दौरान जहां वायु प्रदूषण का मुद्दा उठा, वहीं सत्ताधारी विधायकों ने विपक्ष पर सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का आरोप लगाया। इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस के आयोजन का जिक्र करते हुए कहा,
“मेरा विश्वास है कि जो देश और समाज अपना इतिहास भूल जाता है, उसका वर्तमान भी इतिहास में याद नहीं रखा जाता।”
उन्होंने बताया कि जब दिल्ली में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस मनाई गई, तो इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत हुई थी। सीएम के अनुसार, गृह मंत्री ने आयोजन की अनुमति देते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस लाल किले से कभी गुरु साहब के लिए फरमान जारी हुए थे, उसी लाल किले से गुरुवाणी गूंजी। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत का संदेश सही रूप में देश और दुनिया तक पहुंच पाया।”
‘दिल्ली में सभी पर्व और परंपराओं को मिला सम्मान’
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने हमेशा अपने महापुरुषों की परंपराओं और विरासत को सम्मान देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई एक अवसर नहीं था, बल्कि सरकार ने लगातार दिल्लीवासियों के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का ध्यान रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में रामलीला, तीज, छठ पूजा जैसे पर्व पूरे सम्मान के साथ मनाए गए। सावन के महीने में कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। इसके साथ ही दक्षिण भारत के त्योहारों को भी उसी उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया।
उन्होंने कहा, “दिल्ली ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत तस्वीर है। हमारी जिम्मेदारी है कि हर पर्व और त्योहार बिना किसी बाधा के संपन्न हो।”
सीएम ने गुरु तेग बहादुर जी को मानवता का रक्षक बताते हुए कहा कि उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन कभी झुके नहीं।
“गुरु तेग बहादुर जी किसी एक पंथ के गुरु नहीं थे, वे हमारी साझा संस्कृति के संरक्षक थे। इतनी बड़ी शहादत शायद ही इतिहास में देखने को मिलती हो। इसी भावना के साथ दिल्ली सरकार ने इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया।”
प्रदूषण पर चर्चा को लेकर टकराव, आतिशी को रोका गया
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने वायु प्रदूषण पर चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें रोक दिया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण पर चर्चा के लिए अगले दिन का समय पहले ही निर्धारित है और विपक्ष को उस दौरान पूरा समय दिया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहा और केवल भ्रम फैलाने और बयानबाजी के लिए हंगामा कर रहा है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि जब चर्चा के लिए समय तय है, तो फिर इस तरह का हंगामा क्यों किया जा रहा है।
अध्यक्ष के जवाब के बावजूद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे। नेता प्रतिपक्ष आतिशी बार-बार सरकार से जवाब मांगती रहीं, जिससे सदन का माहौल और गर्म हो गया।
कपिल मिश्रा का आरोप—गुरु तेग बहादुर जी का अपमान
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने विपक्ष पर गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुरु साहब की चर्चा के दौरान जिस तरह से विपक्ष ने हंगामा किया, वह उनके बलिदान का अपमान है।
मंत्री सिरसा ने भी इस आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर गुरु तेग बहादुर जी का अनादर किया गया है।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष इस मामले में निंदा प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है।














