गाजीपुर – बिरनो टोल प्लाजा पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सपा डेलिगेशन में शामिल होने वाराणसी जा रहे बलिया सांसद सनातन पांडेय के सामने एक थाना प्रभारी का व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है।
25 जनवरी 2026 की घटना, टोल प्लाजा पर सड़क पर बैठे थे जनप्रतिनिधि
घटना 25 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सांसद सनातन पांडेय और जंगीपुर से विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ बिरनो टोल प्लाजा पर सड़क पर बैठ गए थे। इसी दौरान यूपी 70 AG 3240 नंबर की एक सरकारी गाड़ी वहाँ आकर रुकी, जिस पर नगरा S.O. लिखा हुआ था।
डबल स्टार दरोगा ने सांसद के पैर छूकर कहा – “भैया प्रणाम”
गाड़ी से उतरते ही बलिया नगरा थानाध्यक्ष संजय मिश्रा ने सांसद सनातन पांडेय के पैर छूकर “भैया प्रणाम” कहा। यह दृश्य देख वहाँ मौजूद लोग हैरान रह गए।
“आप जहाँ बुलाएंगे, वहाँ चलेंगे” – मजाकिया जवाब पर हंसी का माहौल
जब विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने पूछा कि आप यहाँ कैसे, तो थाना प्रभारी ने मजाकिया लहजे में कहा,
“आप जहाँ बुलाएंगे, वहाँ चलेंगे।”
इसके बाद विधायक ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आप हमें गिरफ्तार कर लीजिए, जिस पर दरोगा ने जवाब दिया,
“हमारी औकात कहाँ जो आपको गिरफ्तार कर सकें।”यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग हँसने लगे।“हम गिरफ्तार नहीं करेंगे, आपके साथ ही बैठेंगे”
विधायक द्वारा दोबारा गिरफ्तारी की बात कहने पर संजय मिश्रा ने कहा कि वे किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे बल्कि उनके साथ ही बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद को जिस कार्यक्रम में शामिल होना है, उसी सिलसिले में वे यहाँ आए हैं और सांसद को साथ लेकर ही जाएंगे।
@ghazipurpolice @drIRAJRAJA @myogiadityanath @dgpup #गाजीपुर टोल प्लाजा पर “कानून नहीं, चरण-वंदना” का प्रदर्शन!
बलिया सांसद सनातन पाण्डेय के सामने दरोगा की चापलूसी ने खाकी की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए
कानून व्यवस्था छोड़ अब “भैया प्रणाम” ही पुलिस प्रोटोकॉल बन गया है? pic.twitter.com/p6yerk0uyu
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) January 25, 2026
रोकने का कारण भी नहीं बता पाए दरोगा
जब सांसद सनातन पांडेय ने पूछा कि उन्हें रोका क्यों गया, तो थाना प्रभारी ने साफ कहा कि इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर वे धरने में बैठेंगे तो वर्दी उतारकर बैठना पड़ेगा।
खाकी की मजबूरी या चापलूसी? उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस की भूमिका और खाकी की गरिमा पर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर योगी सरकार कानून व्यवस्था को लेकर सख्त तेवर दिखाती है, वहीं दूसरी ओर वर्दी में इस तरह का व्यवहार पुलिस की छवि पर सवाल खड़े करता है।
पहले भी बिरनो थानाध्यक्ष रह चुके हैं संजय मिश्रा
बताया जा रहा है कि संजय मिश्रा पहले भी बिरनो थानाध्यक्ष के पद पर तैनात रह चुके हैं। इस बार उनका यह व्यवहार अब जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।














