साल 2017 के चर्चित उन्नाव बलात्कार मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस मामले में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 29 दिसंबर को सीबीआई की उस याचिका पर विचार करेगा, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सेंगर की सजा निलंबित करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
इसी बीच मामले की पीड़िता का बयान सामने आया है, जिसने एक बार फिर न्याय व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद’
पीड़िता ने रविवार (28 दिसंबर) को कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट से उसे न्याय मिलेगा। साथ ही उसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वह बिना डर के अपनी कानूनी लड़ाई लड़ सके।
पीड़िता का कहना है कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं और जान का खतरा बना हुआ है। उसने कई बार यह बात सार्वजनिक रूप से कही है कि सेंगर को मिली राहत के बाद उसकी सुरक्षा और अधिक कमजोर हो गई है।
पीड़िता के गंभीर आरोप
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दिए जाने के फैसले पर पीड़िता ने गहरा दुख जताया है। इस फैसले के विरोध में कई संगठनों और लोगों ने प्रदर्शन भी किया।
रविवार को दिल्ली में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ (AIPWA) ने पीड़िता के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सेंगर ने जांच अधिकारी और दिल्ली हाई कोर्ट के जज सहित कई अधिकारियों को रिश्वत दी है।
पीड़िता ने कहा कि सेंगर की जमानत के बाद उसके परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। उसके पति की नौकरी चली गई, बच्चे और गवाह असुरक्षित हैं और उन्हें लगातार डर के साये में जीना पड़ रहा है।
‘बिना डर के लड़ाई लड़ना चाहती हूं’
पीड़िता ने कहा,
“मुझे पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट से मुझे न्याय मिलेगा। कुलदीप सेंगर ने जज और जांच अधिकारी को रिश्वत दी है। मेरे पति की नौकरी छीन ली गई, मेरे बच्चे और गवाह खतरे में हैं। जिनका नाम हम सीबीआई के सामने लेते हैं, उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन करती हूं कि मुझे ऐसी सुरक्षा दी जाए, जिससे मैं निडर होकर अपनी लड़ाई लड़ सकूं।”
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, गूंजे नारे
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान AIPWA की सदस्यों ने पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय और पर्याप्त सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने
‘कार्यकर्ता जेल में, बलात्कारी जमानत पर’,
‘बलात्कारियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस’ और
‘कुलदीप सिंह की जमानत रद्द करो’
जैसे नारों वाले पोस्टर लहराए।
29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 29 दिसंबर को सीबीआई की उस अपील पर सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित किया गया था।
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी। गौरतलब है कि सेंगर को दिसंबर 2019 में उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे आजीवन कारावास के साथ 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
हालांकि इस मामले में उसे जमानत मिल चुकी है, लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं आएगा, क्योंकि वह रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहा है।














