बैनर लगाने को लेकर विवाद ने लिया हिंसक रूप, पुलिस ने संभाला मोर्चा
कर्नाटक के बेल्लारी जिले में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। पुलिस के मुताबिक, यह विवाद कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और बीजेपी विधायक जी. जनार्धन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में पत्थरबाजी और फायरिंग तक पहुंच गया। इस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत हो गई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
बैनर विवाद से भड़की हिंसा
शुरुआती जानकारी के अनुसार, जनार्धन रेड्डी के समर्थकों ने हवाम्बावी नगर में भरत रेड्डी के घर के सामने लगाए जा रहे बैनर पर आपत्ति जताई थी। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के करीबी सहयोगी सतीश रेड्डी भी वहां पहुंच गए, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
फायरिंग में कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत
इसी दौरान कुछ प्राइवेट बंदूकधारियों द्वारा फायरिंग किए जाने की खबर सामने आई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को भी हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। फायरिंग के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत हो गई। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें गोली किसकी ओर से लगी।
पुलिस के अनुसार, झड़प में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फायरिंग का वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति को प्राइवेट बंदूक के साथ हवा में फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में दहशत और बढ़ गई।
यह झड़प शनिवार को प्रस्तावित वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम से एक दिन पहले हुई, जिसे लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म था।
जनार्धन रेड्डी का गंभीर आरोप
बीजेपी विधायक जी. जनार्धन रेड्डी ने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी, उनके करीबी सतीश रेड्डी और भरत रेड्डी के पिता नारा सूर्यनारायण रेड्डी ने उनकी हत्या की साजिश रची।
जनार्धन रेड्डी का दावा है कि जैसे ही वे गंगावती से लौटकर अपने घर के सामने गाड़ी से उतरे, सतीश रेड्डी के बंदूकधारियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि चार से पांच राउंड गोलियां चलाई गईं और उन्होंने कथित तौर पर मौके से बरामद कारतूस भी दिखाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाल्मीकि प्रतिमा स्थापना की आड़ में “शहर को अशांत करने की कोशिश” की जा रही थी और भरत रेड्डी पर अपराधियों व गुंडों का इस्तेमाल कर डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। फायरिंग किसने की, गोली किसकी थी और मौत की असली वजह क्या रही—इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।














