पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में हालिया घटनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि पूरा बांग्लादेश इस समय चरमपंथियों के नियंत्रण में चला गया है और उसी तरह की घटनाएं बंगाल में भी देखने को मिल रही हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हाल ही में पूर्व मेदिनीपुर के महिषादल में देवी सरस्वती की प्रतिमा को तोड़ा गया, जबकि आज नदिया जिले के कृष्णानगर में भी सरस्वती पूजा की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो चिंता का विषय हैं।
‘हिंदू पहचान पर हो रहे हैं लगातार हमले’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश और बंगाल—दोनों जगह हिंदुओं, हिंदू संस्कृति, देवी-देवताओं और हिंदू पहचान को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह सब एक ही तरह की सोच रखने वाले लोग कर रहे हैं—चरमपंथी, कट्टरपंथी और जिहादी राजनीति से जुड़े तत्व। इनका उद्देश्य हिंदुओं को खत्म करना है।”
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में पहले से ही अल्पसंख्यक रह गए हिंदुओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और अगर यही हालात रहे तो वहां बचे हुए हिंदू भी समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी हिंदू समाज असुरक्षित महसूस कर रहा है।
बांग्लादेश में 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या का दावा
#WATCH | Kolkata: West Bengal LoP Suvendu Adhikari says, “Entire Bangladesh has gone into the hands of extremists. It is happening there and it is happening here. Yesterday in Mahishadal, the idol of Goddess Saraswati was vandalised. Today, in Nadia’s Krishnanagar, the idols of… pic.twitter.com/Dtjtbid4YS
— ANI (@ANI) January 6, 2026
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। छात्र नेता उस्मान शरीफ हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में तनाव और हिंसा की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में छह हिंदुओं की हत्या की गई है। 18 दिसंबर को दीपू दास की हत्या के बाद कई अन्य हिंदू युवकों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आईं।
मारे गए लोगों में शामिल बताए जा रहे नाम इस प्रकार हैं:
दीपू चंद्र दास,
अमृत मंडल,
बिजेंद्र बिश्वास,
खोकन दास,
राणा प्रताप वैरागी,
शरत चक्रवर्ती मणि।
इसके अलावा कई जिलों में हिंदू घरों में आगजनी की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं। हिंसा और आगजनी की इन घटनाओं ने आम लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस साल अब तक बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में कुल 184 लोगों की जान जा चुकी है।














