देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक में शुक्रवार (13 फरवरी) को आयोजित मोदी कैबिनेट की आखिरी बैठक में विकास की कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कुल ₹1,60,504 करोड़ की रेलवे, सड़क और शहरी विकास योजनाओं पर मुहर लगाते हुए सरकार ने 95 वर्ष पुराने साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन संग्रहालय’ में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि साउथ ब्लॉक, जहां दशकों तक प्रधानमंत्री कार्यालय और अहम मंत्रालय संचालित होते रहे, अब देश के प्रशासनिक इतिहास को दर्शाने वाले संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। गुलामी के दौर से लेकर डिजिटल भारत तक की यात्रा का साक्षी रहा यह भवन अब जनता के लिए इतिहास का जीवंत केंद्र बनेगा।
रेलवे को मिली मजबूती
कैबिनेट ने भारतीय रेलवे के विस्तार और क्षमता वृद्धि के लिए तीन अहम परियोजनाओं को स्वीकृति दी—
कसारा–मनमाड सेक्शन: तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण के लिए ₹10,154 करोड़ मंजूर। पहाड़ी क्षेत्र में 28 किमी के भीतर पांच सुरंगें बनाई जाएंगी।
दिल्ली–अंबाला सेक्शन: ₹5,983 करोड़ की लागत से अतिरिक्त लाइन बिछाई जाएगी, जिससे यातायात क्षमता और सामरिक मजबूती बढ़ेगी।
बल्लारी–होसपेटे सेक्शन: ₹2,372 करोड़ की परियोजना, चार वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य। इससे पूर्व और पश्चिम भारत के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
असम में ब्रह्मपुत्र के नीचे अंडरवॉटर टनल
चुनावी राज्य असम को बड़ी सौगात देते हुए गोहपुर–नुमालीगढ़ के बीच ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ट्विन अंडरवॉटर रोड टनल परियोजना को ₹18,662 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना के तहत एक टनल में हाईवे और दूसरी में रेलवे लाइन होगी। इससे 250 किमी की दूरी घटकर मात्र 34 किमी रह जाएगी और छह घंटे का सफर करीब 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी और सुरक्षा दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।
नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार
नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार के लिए ₹2,254 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय राजमार्गों के फोर लेनिंग और उन्नयन कार्यों को भी मंजूरी मिली है, जिनमें गुडेबेल्लूर–महबूबनगर, धमासिया–बितादा, नसरपोर–मालोथा और घोटी–त्र्यंबक–पालघर सेक्शन शामिल हैं।
अर्बन चैलेंज फंड और स्टार्टअप को बढ़ावा
कैबिनेट ने ₹1 लाख करोड़ के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ को मंजूरी दी है। इस फंड के तहत 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और सभी राज्य राजधानियों में शहरी समस्याओं के समाधान पर विशेष कार्य किया जाएगा साथ ही, ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के लिए ₹10,000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिससे नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।
साउथ ब्लॉक: इतिहास से भविष्य की ओर
साउथ ब्लॉक ने देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक के कई ऐतिहासिक फैसलों को देखा है। यहां से अनुच्छेद 370, ट्रिपल तलाक, सर्जिकल स्ट्राइक और कई बड़े निर्णयों की रूपरेखा तैयार हुई।
अब यह इमारत ‘युगे युगीन संग्रहालय’ के रूप में देश के प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक इतिहास को प्रदर्शित करेगी। सरकार के अनुसार, यह कदम ‘गुलामी से विकसित भारत’ की ओर बढ़ते राष्ट्र का प्रतीक है।
मोदी कैबिनेट की यह बैठक न केवल विकास परियोजनाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदलने का निर्णय इसे ऐतिहासिक भी बनाता है। यह फैसले आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और राष्ट्रीय विरासत—तीनों को नई दिशा देंगे।














