कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित हमलों को क्रिकेट जैसे खेल से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया आईपीएल नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज़ मुस्तफिजुर रहमान के चयन को लेकर हो रही आलोचनाओं के संदर्भ में दी। इस मुद्दे पर KKR के मालिक और फिल्म अभिनेता शाहरुख खान भी आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं।
पत्रकारों से बातचीत में शशि थरूर ने कहा कि खेल को राजनीतिक और कूटनीतिक विवादों का बोझ नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा,
“मैं नहीं मानता कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों का भार क्रिकेट पर डाला जाना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि कुछ क्षेत्रों को एक-दूसरे से अलग रखना ज़रूरी है।”
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भारत की चिंता जारी रहेगी
थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ संवाद में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और देखभाल का मुद्दा लगातार उठा रही है और यह संदेश आगे भी जारी रहना चाहिए। लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मुस्तफिजुर रहमान का इन घटनाओं से कोई संबंध नहीं है।
“वह एक क्रिकेटर हैं। उनके खिलाफ न तो नफरत फैलाने, न हिंसा भड़काने और न ही ऐसे किसी कृत्य का समर्थन करने का कोई आरोप है। ऐसे में उन्हें निशाना बनाना सरासर गलत और अन्यायपूर्ण है।”
खेल बहिष्कार से नहीं निकलेगा समाधान
कांग्रेस सांसद ने खेल बहिष्कार की सोच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कोई रचनात्मक उद्देश्य पूरा नहीं होता।
“अगर भारत अपने पड़ोसी देशों को खेल के माध्यम से अलग-थलग करने लगे, तो इससे किसी को कोई लाभ नहीं होगा। ऐसे मामलों में हमें बड़े दिल और खुले दिमाग से काम लेने की ज़रूरत है।”
उन्होंने दोहराया कि आईपीएल फ्रेंचाइज़ी द्वारा खिलाड़ी का चयन पूरी तरह खेल के आधार पर किया गया फैसला है और राजनीति को इसमें हस्तक्षेप नहीं करने देना चाहिए। थरूर के मुताबिक, खेल आपसी संवाद और सौहार्द का माध्यम होना चाहिए, न कि टकराव का।














