नोएडा के सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हमलेट सोसाइटी में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज घटना हुई, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के 55 वर्षीय कार्यकारी निदेशक अजय गर्ग का निधन हो गया। पुलिस और आसपास के निवासियों के मुताबिक सुबह करीब साढ़े दस बजे वह अपने फ्लैट की ओर जा रहे थे और कुछ ही समय बाद उन्हें जमीन पर गंभीर हालत में पाया गया — उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके पर जांच में पुलिस ने अजय गर्ग के फ्लैट से आधे पन्ने का एक सुसाइड नोट बरामद किया है। नोट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे आगे जीवन नहीं जीना चाहते और किसी व्यक्ति, संस्था या परिस्थिति को अपनी मौत का दोषी नहीं ठहराते। नोट में यह भी उल्लेख था कि वे लंबे समय से खुश नहीं रहे — यह शब्द परिवार व जानने वालों के लिए एक गहरी चोट बन कर उभरे हैं।
पुलिस ने फिलहाल किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं पाए हैं और प्रारंभिक जांच आत्महत्या की दिशा में ही नजर आ रही है। परिवार और करीबी परिचितों के बयान में भी यह बात सामने आई है कि वे पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, पर तनाव का स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
घटना के समय उनकी पत्नी फ्लैट में मौजूद थीं और सोसाइटी के लोगों के साथ मिल कर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर फ्लैट को सील कर साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी गई है, तथा मुंबई में रहने वाले उनके बेटे को भी सूचना दी गई है।
पुलिस ने कहा है कि वे अजय गर्ग के निजी और पेशेवर जीवन के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किन परिस्थितियों और किस मानसिक हालत से गुजर रहे थे। अधिकारी कहते हैं कि हर एंगल से जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएँगी।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है बल्कि उन लोगों के लिए भी सवाल छोड़ जाती है जो कभी-कभी अपने प्रियजन के भीतर छिपे दर्द को देख नहीं पाते। पुलिस की आगे की रिपोर्ट और परिवार की बातें ही इस मामले के कई अनसुलझे पहलुओं को स्पष्ट कर सकेंगी।














