Tuesday, March 3, 2026
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जनरल नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले– “विदेश में उपलब्ध है, भारत में रोकी जा रही है”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी का दावा है कि यह किताब विदेशों में प्रकाशित और उपलब्ध है, लेकिन भारत में सरकार इसे प्रकाशित नहीं होने दे रही है।

संसद के बाहर किताब को हाथ में लहराते हुए राहुल गांधी ने कहा,
“मुझे लगता है कि जनरल नरवणे की यह किताब विदेश में पब्लिश हो चुकी है और वहां आसानी से मिल रही है, लेकिन भारत में सरकार इसे छापने नहीं दे रही। किताब उपलब्ध है, बस यहां नहीं।”

‘अंदाज़ा लगाइए किताब कहां से आई’
जब उनसे पूछा गया कि यह किताब उन्हें कहां से मिली, तो राहुल गांधी ने कहा,
“आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह किताब कहां से आई होगी। सोचिए, कहां से आई होगी।”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबे पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में आएंगे, तो वे उन्हें यह किताब भेंट करेंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह किताब न तो किसी विपक्षी नेता की है और न ही किसी विदेशी लेखक की, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे द्वारा लिखी गई है। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि “हैरानी की बात यह है कि कैबिनेट मंत्रियों के मुताबिक यह किताब मानो मौजूद ही नहीं है।”

‘नाज़ुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतज़ार कराया गया’
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस किताब में साफ़ लिखा है कि जब चीनी सेना भारतीय सीमा में घुस आई थी, तब एक गंभीर और संवेदनशील स्थिति में सेना प्रमुख को इंतज़ार कराया गया। और जब निर्णय लेने का समय आया, तो प्रधानमंत्री ने सिर्फ इतना कहा— “जो आपको उचित लगे, वही कीजिए।”

राहुल गांधी ने कहा कि देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट के समय प्रधानमंत्री ने राजनीतिक ज़िम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए। उनके अनुसार, जनरल नरवणे ने खुद लिखा है कि उस वक्त उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया।

‘यही सच है जिसे संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यही सच्चाई है जिसे वे संसद में उठाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें बोलने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश सरकार से सवाल पूछ रहा है, जबकि सरकार जवाब देने से बच रही है।

अठावले का पलटवार
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“राहुल गांधी जो कॉपी देना चाहते हैं, दे सकते हैं, लेकिन इस तरह की भूमिका रखना ठीक नहीं है। विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आएंगे और अपना भाषण देंगे।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी राहुल गांधी ने संसद में चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी, लेकिन सत्ता पक्ष के हंगामे के चलते वे अपना भाषण पूरा नहीं कर पाए। सोमवार के बाद मंगलवार को भी जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया, तो विरोध के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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