गाजीपुर – शुक्रवार को आगामी बॉलीवुड फिल्म ‘घुसखोर पंडित’ को लेकर विवाद गहराता नजर आया। पूर्वांचल छात्र सेना के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने फिल्म के पोस्टर जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और फिल्म पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश संयोजक निमेष पांडेय ने किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म की कहानी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है। उनका कहना है कि फिल्म की स्टोरी एक कथित भ्रष्ट पुजारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें धार्मिक आस्था और परंपरागत मूल्यों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। संगठन के नेताओं ने दावा किया कि इस तरह की कहानी समाज में एक विशेष समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
निमेष पांडेय ने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई दृश्य और संवाद धार्मिक परंपराओं का अपमान करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सेंसर बोर्ड इस फिल्म पर रोक नहीं लगाता या आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने का निर्देश नहीं देता, तो पूरे प्रदेश में सिनेमाघरों के बाहर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की भी बात कही। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।














