कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह उस समय विवादों में आ गए, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की संगठनात्मक शक्ति की बात कही। इस पोस्ट के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई और दिग्विजय सिंह आलोचनाओं के निशाने पर आ गए।
विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह ने अपने बयान का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि वह भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। उन्होंने कहा,
“गोडसे जैसे हत्यारों से हमें कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। मैंने हमेशा भाजपा-आरएसएस की विचारधारा का विरोध किया है और आगे भी करता रहूंगा।”
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी राजनीतिक संगठन को मजबूत होना चाहिए और संगठनात्मक मजबूती एक सामान्य राजनीतिक आवश्यकता है।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“सभी को पार्टी अनुशासन में रहना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने संगठन को मजबूत करने की बात कही है, जो सही है। बाकी उनके बयान पर वही जवाब देंगे। मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो और उसमें अनुशासन हो।”
#WATCH | Delhi | On Congress leader Digvijaya Singh praising the organisational strength of the RSS, Congress MP Shashi Tharoor says, “Even I want our organisation to strengthen. There should be discipline in our organisation. Digvijaya Singh can speak for himself…” pic.twitter.com/VuawKAwRim
— ANI (@ANI) December 28, 2025
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें मोदी जमीन पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। दिग्विजय ने इस तस्वीर को आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी की मजबूत संगठनात्मक संस्कृति का उदाहरण बताया था।
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के भीतर सुधारों और सत्ता के विकेंद्रीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। इस पोस्ट में उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को टैग करते हुए पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की बात कही थी।
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह लंबे समय से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की वकालत करते रहे हैं। हाल ही में पार्टी द्वारा वोट चोरी के खिलाफ अभियान की घोषणा के बाद भी उन्होंने सवाल उठाया था कि “वार्ड स्तर पर हमारा संगठन आखिर कहां है?”
विवाद गहराने पर दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि उन्होंने न तो आरएसएस और न ही प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की है।
उन्होंने कहा,
“मैंने सिर्फ संगठन की मजबूती की बात की है। मैं आरएसएस और मोदी का घोर विरोधी हूं।”














