नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह डील पूरी तरह किसान हितैषी है और इसमें कृषि क्षेत्र के हित सुरक्षित रखे गए हैं।
“किसानों को डराने की कोशिश”
पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ “पूर्व निर्धारित स्क्रिप्ट” के आधार पर झूठे दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“बार-बार दोहराकर, वे किसानों को अपने झूठ से डराने की कोशिश कर रहे हैं।”
मंत्री ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है और यह बात वे “ऑन रिकॉर्ड और पूरी जिम्मेदारी” के साथ कह रहे हैं।
सोयामील और मक्का पर कोई छूट नहीं
गोयल ने स्पष्ट किया कि सोयामील और मक्के पर किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि डील से किसानों, मछुआरों, मेहनती युवाओं, MSMEs, स्टार्टअप्स, कारीगरों और विश्वकर्माओं को लाभ मिलेगा।
उनका दावा है कि यह समझौता कृषि, उद्योग और निर्यात क्षेत्र के लिए अवसरों का विस्तार करेगा।
सेब और अखरोट आयात पर स्पष्टीकरण
सेब के आयात को लेकर उठे विवाद पर मंत्री ने आंकड़ों के साथ सफाई दी। उन्होंने कहा कि भारत हर साल लगभग 5.50 लाख टन सेब आयात करता है क्योंकि घरेलू उत्पादन से केवल 80% मांग ही पूरी हो पाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
अनलिमिटेड आयात की अनुमति नहीं दी गई है।
एक सीमित कोटा तय किया गया है।
80 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) तय होगा।
25 रुपये प्रति किलो की ड्यूटी लगेगी।
Farzi Rahul Gandhi… pic.twitter.com/lMMWhj7kKm
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 13, 2026
इस तरह से आयातित सेब की लैंडेड कॉस्ट 105 रुपये प्रति किलो होगी, जो वर्तमान 75 रुपये प्रति किलो से अधिक है।
अखरोट के मामले में भी अमेरिका को 60 हजार मीट्रिक टन की कुल वार्षिक आवश्यकता के मुकाबले 13,000 मीट्रिक टन का सीमित कोटा दिया गया है। गोयल ने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादकों को नुकसान की आशंका बहुत कम है।
कांग्रेस पर पलटवार
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा कि UPA शासनकाल में लगभग 20 बिलियन डॉलर के कृषि उत्पाद आयात किए गए थे, जिनमें डेयरी उत्पाद भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने डेयरी को अमेरिका के साथ ट्रेड डील से पूरी तरह बाहर रखा है।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे किसानों के साथ अपने “पिछले रिकॉर्ड” पर जवाब दें और “मनगढ़ंत कहानियां” फैलाना बंद करें।
राहुल गांधी का आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था,
“कोई भी ट्रेड डील जो किसानों की रोजी-रोटी छीनती है या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करती है, वह किसान विरोधी है।”
मार्च तक साइन होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, कुछ संशोधनों के बाद इस डील पर मार्च के अंत तक दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर हो सकते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासी टकराव फिलहाल जारी है। एक ओर सरकार इसे विकास और अवसरों का द्वार बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष किसानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।














