महाराष्ट्र में निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। हर दिन नए राजनीतिक समीकरण बनते और पुराने टूटते नजर आ रहे हैं। इसी बीच चुनाव से पहले अलग हुए दो बड़े राजनीतिक परिवारों का फिर से एक होना चर्चा का विषय बन गया है। पहले ठाकरे भाइयों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया, अब पवार परिवार भी एक बार फिर साथ आता दिखाई दे रहा है।
डिप्टी सीएम अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) से गठबंधन करने के संकेत दिए हैं। लंबे समय बाद चाचा-भतीजे एक मंच पर नजर आने वाले हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है।
‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ साथ-साथ चुनाव लड़ेंगी
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा,
“पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में ‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ एक हो गई हैं। परिवार फिर से साथ आ गया है।”
गौरतलब है कि करीब दो साल पहले अजित पवार और शरद पवार के रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद अजित पवार बीजेपी के साथ गठबंधन कर महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम बने थे।
आज एक मंच पर दिखेंगे अजित और शरद पवार
आज सोमवार (29 दिसंबर) को अजित पवार और शरद पवार एक ही मंच पर नजर आने वाले हैं। शरद पवार वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की वार्षिक आम बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं, जहां अजित पवार और जयंत पाटिल भी मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में दोनों नेताओं की मुलाकात होनी है।
एकजुटता पर क्या बोले अजित पवार?
अजित पवार ने कहा,
“कई लोगों के मन में यही सवाल था। आखिरकार हम में से ज़्यादातर लोग किसान हैं, यही हमारी पहचान है। महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए कुछ फैसले लेने पड़ते हैं। सभी नेताओं के साथ बैठकर सीटों के बंटवारे पर चर्चा हुई है और कुछ बदलावों के साथ सहमति बन गई है। पूरी जानकारी दो दिन में सामने आ जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि
“अभी कुछ कहूंगा और वैसा नहीं हुआ तो लोग सवाल उठाएंगे। इसलिए दो दिन धैर्य रखें और किसी भी झूठे वादे या दबाव में न आएं।”
क्या हैं दोनों गुटों के चुनाव चिन्ह?
अजित पवार के अलग होने के बाद चुनाव आयोग ने उनके गुट को NCP की मूल पार्टी मानते हुए ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया था। वहीं शरद पवार गुट ने ‘तुतारी’ (घुमावदार तुरही) को अपना चुनाव चिन्ह बनाया। दोनों नेता पहले अविभाजित NCP में साथ काम कर चुके हैं, लेकिन 2023 में अजित पवार के बीजेपी से हाथ मिलाने के बाद पार्टी टूट गई थी।
NDA में शामिल होंगे शरद पवार?
पिंपरी-चिंचवड नगर निगम, जिसे BMC के बाद राज्य का सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है, 2017 से अविभाजित NCP के नियंत्रण में रहा है। पवार परिवार के फिर से करीब आने पर राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज़ हैं कि क्या शरद पवार भी NDA गठबंधन में शामिल होंगे।
बीजेपी नेता नवनीत राणा ने कहा,
“अजित पवार शरद पवार के निर्देश पर बीजेपी के साथ आए थे। हमें कोई हैरानी नहीं है कि वे फिर से एक हो रहे हैं। उम्मीद है कि शरद पवार भी जल्द NDA में शामिल होंगे।”
वहीं एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने इस गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा,
“वे साथ आ सकते हैं, लेकिन जनता सिर्फ सरनेम देखकर वोट नहीं देगी।”














