भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को कितना गहरा झटका दिया था, इसका खुलासा अब खुद पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हो रहा है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार के हालिया बयानों ने यह साफ कर दिया है कि इस सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान में डर और अफरा-तफरी का माहौल था।
इस पूरे घटनाक्रम पर दिखाते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पाल वैद्य ने कहा कि आखिरकार पाकिस्तान अब यह स्वीकार कर रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में उसे भारी सैन्य नुकसान झेलना पड़ा।
पाक सेना ने जरदारी को बंकर में छिपने की दी थी सलाह
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंकर में शरण लेने की सलाह दी थी।
जरदारी ने कहा, “मेरे मिलिट्री सेक्रेटरी मेरे पास आए और बताया कि युद्ध शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि हमें बंकर में जाना चाहिए, लेकिन मैंने मना कर दिया।”
इस बयान से साफ है कि हालात इतने गंभीर थे कि पाकिस्तान के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को भी सुरक्षित स्थान पर जाने की जरूरत महसूस की गई।
नूर खान एयर बेस पर हमले की पुष्टि
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने साल के अंत में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग में यह स्वीकार किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने रावलपिंडी स्थित नूर खान (चकला) एयर बेस को निशाना बनाया था।
डार ने कहा कि इस हमले में:
पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा
वहां तैनात जवान घायल हुए
उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत ने करीब 36 घंटों में लगभग 80 ड्रोन पाकिस्तान की ओर भेजे, जिनमें से 79 को रोक लिया गया, जबकि एक ड्रोन ने सैन्य इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुंचाया।
#WATCH | Jammu, J&K: On Pakistan’s Foreign Minister Ishaq Dar’s statement, Former J&K DGP Shesh Paul Vaid says, “Admission comes from Ishaq Dar, Deputy PM of Pakistan, that the Nur Khan base was hit by missiles. It’s good that they are slowly admitting now. But we in the Indian… pic.twitter.com/7KTFGGqwrV
— ANI (@ANI) December 28, 2025
भारत ने पहले दिन से जानता था नुकसान का पैमाना: शेष पाल वैद्य
पूर्व डीजीपी शेष पाल वैद्य ने कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों, सेना और वायुसेना को ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन से ही यह पता था कि पाकिस्तान को कितना बड़ा नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत:
पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया गया
11 एयर बेस को निशाना बनाया गया
पाकिस्तान के 19 विमानों को गंभीर क्षति पहुंची
उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सामरिक झटका था, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञ भी स्वीकार कर चुके हैं।
पहलगाम हमले का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी घटना के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। 7 मई की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के खिलाफ सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की। जब पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, तो भारत ने और अधिक सख्त रुख अपनाया, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ गया।हालांकि, स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पाकिस्तान को अंततः पीछे हटना पड़ा।














