नोएडा में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने देर रात हुई अपराध समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि अब लापरवाही की कोई जगह नहीं है। थाना बिसरख क्षेत्र में एक सोसाइटी की लिफ्ट में बुजुर्ग से लूट की कोशिश और लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने थाना प्रभारी (SHO) मनोज सिंह को पद से हटा दिया। इसके साथ ही एसीपी द्वितीय, सेंट्रल नोएडा दीक्षा सिंह को भी उनके पद से हटाने की कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि फील्ड लेवल पर पुलिसिंग की नाकामी और विभागीय लापरवाही को लेकर सख्त संदेश मानी जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘जीरो टॉलरेंस’ पर काम करेगी नोएडा पुलिस
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नोएडा पुलिस की नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी एसीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
उन्होंने कहा, “थानों और सर्किल स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी। जहां लापरवाही मिलेगी, वहां कार्रवाई तय है।”
मैदान में सक्रिय पुलिसिंग अनिवार्य
पुलिस कमिश्नर ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई न हो। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें चूक करने वालों को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
अधिकारियों में हड़कंप, जनता को भरोसा
इस अचानक और कड़े फैसले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि नोएडा पुलिस अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे कार्रवाई के मूड में है।
बिसरख मामले में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब कुर्सी बचाने से ज्यादा जरूरी है ईमानदार और प्रभावी पुलिसिंग। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए नोएडा में अब कोई नरमी नहीं।














