महाराष्ट्र में मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर गुरुवार को महायुति की एक अहम बैठक मुंबई में हुई। बैठक में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेताओं ने सीट बंटवारे और संयुक्त चुनाव प्रचार रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
खास बात यह रही कि बैठक में बीजेपी, शिंदे गुट और आरपीआई के नेता मौजूद थे, लेकिन एनसीपी (अजित पवार गुट) का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।
227 में से 150 सीटों पर बनी सहमति
बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने बताया कि बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 150 सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बीच सहमति बन चुकी है। शेष 77 सीटों पर अगले दो-तीन दिनों में चर्चा कर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इन सीटों पर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। इन पर अंतिम घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे संयुक्त रूप से करेंगे।
अमित साटम ने कहा कि बैठक में चुनावी तैयारियों, प्रचार रणनीति, संगठनात्मक प्रबंधन, प्रमुख मुद्दों और फडणवीस-शिंदे की संयुक्त जनसभाओं पर भी सहमति बनी है। उन्होंने दावा किया कि महायुति 170 से ज्यादा सीटें जीतने की स्थिति में है।
एनसीपी (अजित पवार गुट) को लेकर रुख साफ
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने स्पष्ट किया कि यदि मुंबई में एनसीपी (अजित पवार गुट) नवाब मलिक के नेतृत्व में चुनाव लड़ती है, तो बीजेपी उसके साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करेगी।
फिलहाल महायुति में बीजेपी और शिंदे गुट के बीच तालमेल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि एनसीपी (अजित पवार गुट) को अलग रखा गया है। उधर, समाजवादी पार्टी और AIMIM ने भी अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं, जिनकी नजर मुस्लिम वोट बैंक पर है।
बीजेपी-शिवसेना के बीच दावे और मतभेद
सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट ने 227 में से 100 से अधिक सीटों की मांग रखी है। वहीं बीजेपी 2017 में जीते गए 82 डिविजनों पर अपना दावा बनाए हुए है, साथ ही उन सीटों पर भी दावेदारी कर रही है जहां मतभेदों के चलते हार मिली थी, लेकिन वोट प्रतिशत अधिक रहा।
शिवसेना का तर्क है कि 2014 के आधार पर मौजूदा परिस्थितियों में सीट बंटवारा व्यावहारिक नहीं है। फिलहाल दोनों दल बाकी 77 सीटों पर सहमति बनाने की कोशिशों में जुटे हैं।
विपक्षी खेमे में भी मंथन
बीएमसी चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे में भी तस्वीर साफ नहीं है। कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी के बीच संभावित बातचीत की चर्चा है। वहीं राज-उद्धव ठाकरे के संभावित गठबंधन में शरद पवार को शामिल करने की कोशिशों के संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि कांग्रेस, राज ठाकरे को साथ लेने के पक्ष में नहीं दिख रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी शरद पवार और प्रकाश आंबेडकर के साथ चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
वहीं AIMIM नेता वारिस पठान ने भी संकेत दिया है कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने पर मंथन कर रही है।














