गाजीपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में 10 फरवरी 2026 को अपराह्न 1 बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गाजीपुर के सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव व न्यायाधिकारी श्रीमती अर्चना ने की।
शिविर को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाली यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, शिकायतों के निस्तारण हेतु प्रभावी तंत्र उपलब्ध कराना तथा महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित कार्यस्थल पर काम करने का अधिकार है।
वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर श्रीमती प्रियंका प्रजापति ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डाला। वहीं पैनल अधिवक्ता सच्चिदानंद राय ने 22 फरवरी 2026 को जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और आमजन को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में चिकित्सक, पराविधिक स्वयंसेवक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।














