मुज़फ्फरनगर (बुढ़ाना) — पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे चल रहे अभियान में बुढ़ाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने तीन कुख्यात पशु तस्करों द्वारा अवैध रूप से अर्जित करके छुपाई गई लगभग ₹90 करोड़ की संपत्ति की पहचान कर ली है। पुलिस का कहना है कि ये संपत्तियाँ आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई कमाई से जुड़ी हुई पाई गई हैं और इन्हें प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए जब्त किया जाएगा।
जांच और कार्रवाई — वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई गहन पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देश पर शुरू की गई थी। जांच टीम ने गैंगस्टर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत तस्करों के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति रिकॉर्ड का विस्तृत सत्यापन किया। प्रारंभिक मुकदमेबंदी औरintel-जांच के बाद यह पाया गया कि संदिग्धों की संपत्तियों का सारा लेखा-जोखा उनके नियमित आय-स्रोत से मेल नहीं खाता — इसलिए इन्हें अपराध से अर्जित माना गया। जांच पूरी होने के बाद जब्ती से संबंधित रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई है।
कौन-कौन सी संपत्ति चिन्हित हुई — जाँच का दायरा
पुलिस ने जांच में जिन संपत्तियों की पहचान की है, उनमें रजिस्टर्ड अचल संपत्ति, वाहन, बैंक खातों में जमा राशियाँ और अन्य चल-अचल संपत्तियाँ शामिल बताई जा रही हैं। आधिकारिक प्रक्रियाओं में संपत्ति के कागजात, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन का अध्ययन कर जो लिंक अपराध से जुड़े पाए गए, उन्हें विशेष तौर पर चिन्हित किया गया। फिलहाल जानकारियों का सार्वजनिक खुलासा सीमित रखा गया है ताकि भविष्य की कानूनी कार्यवाही प्रभावित न हो।
अब अगले कदम क्या होंगे? — प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया
सुरक्षा बलों और प्रशासन के बीच समन्वय के बाद अगला चरण संपत्ति की औपचारिक जब्ती की कार्रवाई है। इसमें संबंधित संपत्तियों पर नोटिस जारी करना, कानूनी दस्तावेज़ संलग्न कराना और आवश्यक होने पर अदालत में जवाब देना शामिल होगा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि जब्ती के लिए प्रशासनिक मंजूरी और आवश्यक दस्तावेज़ों की शिद्दत से जाँच जारी है। तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम व संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय प्रभाव और अधिकारी का संदेश
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद केवल संपत्ति जब्त करना नहीं है, बल्कि पशु तस्करी जैसे संगठित अपराधों की जड़ काटना और ऐसे गिरोहों की अर्थशक्ति को समाप्त करना भी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने कहा (पुलिस सूत्रों के हवाले), “हम किसी भी प्रकार की गैरकानूनी तस्करी और उससे जुड़े अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेंगे; जो भी अपराधी होंगे उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।” (नोट: उद्धरण सामान्य प्रवक्ता-शैली में दिया गया है।)
पड़ोसी इलाकों के लिए चेतावनी और कानूनी संदेश
पुलिस ने स्थानीय जनता से सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा है कि यदि किसी के पास पशु तस्करी या संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी जानकारी हो तो वह नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर सूचित करें। साथ ही प्रशासन ने अधधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तस्करी-रैकेट पर नजर रखी जाए और त्वरित सूचना-आधारित छापे जारी रखें।














