गाजीपुर। विद्युत वितरण खण्ड प्रथम जंगीपुर में अधिशाषी अभियंता पीके तिवारी ने बिजली बिल राहत योजना के तृतीय एवं अंतिम चरण को सफल बनाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पांचों सब डिवीजन के एसडीओ और 21 उपकेंद्रों के जेई मौजूद रहे।
अधिशाषी अभियंता ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्युत चोरी के मामलों में राजस्व वसूली संतोषजनक नहीं है। साथ ही नेवर पेड और नॉन-नेवर पेड उपभोक्ताओं द्वारा योजना का लाभ लेने की संख्या भी पिछले चरण की तुलना में कम रही है।
उन्होंने सभी एसडीओ और जेई को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में लाइनमैन के साथ घर-घर कांबिंग अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी दें और अधिक से अधिक राजस्व वसूली सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक के दौरान दो उपखंड अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि पांच अवर अभियंताओं को कड़ी चेतावनी दी गई। संविदा कर्मियों को निर्देशित किया गया कि जिन उपभोक्ताओं पर विद्युत चोरी के तहत राजस्व निर्धारण हुआ है और जिन्होंने भुगतान नहीं किया है, उनके कनेक्शन तत्काल पोल से डिस्कनेक्ट किए जाएं। बकायेदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को घर-घर जाकर उपभोक्ताओं के मोबाइल में स्मार्ट बिजली ऐप और ऊर्जावान ऐप डाउनलोड कराने तथा दैनिक खपत की जानकारी लेने के लिए जागरूक करने को कहा गया। बताया गया कि अधिकांश स्मार्ट मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड में परिवर्तित हो चुके हैं, इसलिए समय पर रिचार्ज और भुगतान के लिए ऐप का उपयोग जरूरी है।
अनुरक्षण माह के तहत पिक आवर्स को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफार्मर अनुरक्षण, तार टाइट, डीटी सर्वे सहित सभी कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। विद्युत सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी कर्मियों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई है और कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग करने को कहा गया। लाइन अनुरक्षण के लिए केवल कुशल लाइनमैन को ही शटडाउन देने का आदेश दिया गया है। किसी अकुशल कर्मी को शटडाउन देने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कासिमाबाद, मरदह, पारा, जंगीपुर और जखनिया के एसडीओ सहित 21 उपकेंद्रों के अवर अभियंता एवं संविदा कर्मी उपस्थित रहे।














