कानपुर: HDFC बैंक की पनकी शाखा से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। बैंक कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी के इस्तीफे के बाद उनके पति ऋषि मिश्रा भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी जाति—ब्राह्मण होने—के कारण निशाना बनाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बैंक के CCTV फुटेज की समीक्षा और अपनी सुरक्षा की मांग की है।
‘मैं बेइज्जती भी सहूं और मानहानि भी?’
ऋषि मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा, “मैं बेइज्जती भी सहूं और मानहानि का केस भी झेलूं? तब तो यही मान लिया जाए कि ब्राह्मण होना ही पाप है।” उनका कहना है कि उन्होंने कोई वीडियो वायरल नहीं किया। अगर ऐसा करना होता तो 7 जनवरी को ही कर देते। उनके अनुसार, बैंक की CCTV फुटेज देखने से साफ हो जाएगा कि पहले अभद्र व्यवहार किसने किया।
ऋतु त्रिपाठी का कहना है कि आस्था सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं और सच्चाई बैंक के कैमरों में कैद है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके पति को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी आस्था सिंह की होगी। इस संबंध में उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है।
इस्तीफे के पीछे मानसिक उत्पीड़न का आरोप
ऋतु त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने 6 नवंबर 2024 को बैंक की पनकी शाखा जॉइन की थी। उनके अनुसार, शाखा का कार्य वातावरण बेहद तनावपूर्ण था। उन्होंने बैंक प्रबंधन को बताया था कि उनकी एक छोटी बेटी है, इसके बावजूद उन्हें कई बार रात 11 बजे तक रुकने के लिए कहा जाता था।
ऋतु का आरोप है कि ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह उन्हें केबिन में बुलाकर घर छोड़ने की पेशकश करते थे। जब उन्होंने इसे अस्वीकार किया, तो उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। लगातार मानसिक तनाव और दबाव के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।
आस्था सिंह का पक्ष
दूसरी ओर, रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने आरोप लगाया है कि विवाद तब बढ़ा जब ऋषि मिश्रा ने उनसे उनकी जाति पूछी और कथित तौर पर अभद्रता की। आस्था का कहना है कि उन्हें अपने ‘ठाकुर’ होने पर गर्व है और उन्होंने केवल अपनी गरिमा की रक्षा में जवाब दिया।
सोशल मीडिया पर आस्था सिंह के वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया और अब दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग तेज हो गई है।
जांच और सुरक्षा की मांग
मामले ने जातीय टिप्पणी, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और सोशल मीडिया ट्रोलिंग जैसे गंभीर मुद्दों को भी सामने ला दिया है। ऋषि मिश्रा ने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब देखना होगा कि बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए CCTV फुटेज की जांच अहम मानी जा रही है।














