इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी का मामला अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी पानी को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इंदौर की घटना के बाद देशभर में अलर्ट का माहौल था और ऐसे में गांधीनगर में गंदे पानी से लोग बीमार पड़ने लगे, तो इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत संज्ञान लिया।
गांधीनगर के कई सेक्टरों में दूषित पेयजल की सप्लाई के कारण बड़ी संख्या में लोग टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए हैं। हालात ऐसे हैं कि लगभग हर घर में मरीज मिलने की खबर है। मरीजों की बढ़ती संख्या से प्रशासन में हड़कंप मच गया है, वहीं लोगों में डर का माहौल है।
शनिवार को जहां मरीजों की संख्या करीब 100 थी, वहीं रविवार को यह आंकड़ा 120 से ज्यादा पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें मैदान में उतारी गई हैं। करीब 10 हजार घरों का सर्वे कराया गया है और प्रभावित इलाकों से पानी के नमूने लिए गए हैं।
अमित शाह ने तीन बार ली जानकारी
पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तीन बार अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और इलाज में कोई कोताही न बरती जाए। शाह ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और नियमित रिपोर्ट देने को कहा है।
जांच में सामने आया है कि जिन सेक्टरों में बीमारी फैली है, वहां पानी की लाइनों में 10 से ज्यादा लीकेज मिले हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवरेज लाइन लीकेज होने से गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिससे बीमारी तेजी से फैली।
प्रशासन अलर्ट, मेडिकल कैंप लगाए गए
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए हैं। 22 डॉक्टरों की टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच और इलाज कर रही है। गंभीर मरीजों को सिविल अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर के महापौर, कलेक्टर और मेडिकल अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए विशेष योजना तैयार की है, जो 10 से 15 दिनों में लागू कर दी जाएगी।
इंदौर के बाद गांधीनगर में सामने आया यह संकट साफ तौर पर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या शहरों की जल और सीवरेज व्यवस्था पर पर्याप्त निगरानी है। हालांकि, अमित शाह की सीधी निगरानी और प्रशासन की सक्रियता के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि हालात पर जल्द काबू पा लिया जाएगा।














