इंडिगो एयरलाइंस ने हाल ही में सामने आए परिचालन संकट पर आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि ऑपरेशन को सामान्य करने के लिए बड़े पैमाने पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रवक्ता के अनुसार, 7 दिसंबर को इंडिगो की 1650 से अधिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है, जबकि 6 दिसंबर को लगभग 1500 उड़ानें चली थीं। उन्होंने कहा कि कंपनी की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 30% से बढ़कर 75% तक पहुँच गई है।
कंपनी ने बताया कि आज कम फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, और जिन उड़ानों को रद्द किया गया, उनके बारे में यात्रियों को पहले से सूचना दी गई। रिफंड और लगेज से जुड़े मामलों पर भी तेज़ी से काम हो रहा है—चाहे टिकट डायरेक्ट बुकिंग के हों या एजेंसियों के माध्यम से बुक किए गए हों।
इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस अवश्य चेक करें। कंपनी को उम्मीद है कि 10 दिसंबर तक नेटवर्क पूरी तरह स्थिर हो जाएगा, पहले यह समयसीमा 10–15 दिसंबर तय की गई थी।
यात्रियों से हुई असुविधा के लिए एयरलाइन ने माफी मांगी है और कहा कि इसकी सभी टीमें स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने में जुटी हुई हैं। इसके बावजूद, आज भी विभिन्न एयरपोर्ट्स पर लगभग 650 फ्लाइट्स कैंसिल रही।
DGCA ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
उधर, DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन) ने इस संकट को गंभीरता से लेते हुए इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है।
DGCA (Directorate General of Civil Aviation) issues a show-cause notice to The Accountable Manager of IndiGo Airline.
“…You are directed to show cause within 24 hours of receipt of this notice as to why appropriate enforcement action should not be initiated against you under… pic.twitter.com/QzGQcO1Ctv
— ANI (@ANI) December 7, 2025
नोटिस में कहा गया है कि कंपनी को 24 घंटे के भीतर यह बताना होगा कि एयरक्राफ्ट रूल्स और सिविल एविएशन रेगुलेशन्स के उल्लंघन पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर DGCA एकतरफ़ा निर्णय लेगा।
इंडिगो बोर्ड की बैठक में ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ का गठन
कंपनी के अनुसार, उड़ानें रद्द होने और देरी की स्थिति सामने आते ही इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आपात बैठक बुलाई गई।
बैठक में मैनेजमेंट ने बोर्ड सदस्यों को संकट की स्थिति और उसके पैमाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद सिर्फ बोर्ड सदस्यों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) बनाने का निर्णय लिया गया।
इस समूह में शामिल हैं—
चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता
बोर्ड डायरेक्टर्स ग्रेग सारेत्स्की, माइक व्हिटेकर और अमिताभ कांत
CEO पीटर एल्बर्स
CMG का उद्देश्य परिचालन व्यवस्था को तेज़ी से स्थिर करना और संकट की स्थिति पर लगातार निगरानी रखना है।














