Saturday, January 31, 2026
Your Dream Technologies
HomeInternationalभारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर ऐतिहासिक मुहर: 18 साल का इंतज़ार खत्म,...

भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर ऐतिहासिक मुहर: 18 साल का इंतज़ार खत्म, ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से खुलेगा नए अवसरों का द्वार

भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 वर्षों से चला आ रहा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मंगलवार को इस ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बनी, जिसे वैश्विक स्तर पर “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेज़बानी की।

“आज भारत-यूरोप ने इतिहास रचा”

समझौते के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “आज यूरोप और भारत इतिहास रच रहे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है, जिससे दो अरब लोगों के लिए एक विशाल मुक्त व्यापार क्षेत्र बना है।”
उन्होंने इसे केवल शुरुआत बताते हुए कहा कि यह भारतीय स्किल्स, सर्विसेज़ और स्केल को यूरोपीय टेक्नोलॉजी, कैपिटल और इनोवेशन से जोड़ता है, जिससे दोनों पक्ष मिलकर ऐसी आर्थिक वृद्धि हासिल कर सकेंगे जो अकेले संभव नहीं थी।

रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक जिम्मेदारी

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। उन्होंने यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और मल्टीलेटरलिज़्म के समर्थक EU की जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करें।

पीएम मोदी: “यह समझौता करोड़ों लोगों के लिए अवसर लाएगा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता वैश्विक GDP के 25% और वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। उन्होंने इसे भारत-EU के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि इससे 140 करोड़ भारतीयों और यूरोपीय नागरिकों के लिए नए व्यापार, निवेश और रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

18 साल बाद टूटा गतिरोध

भारत और EU के बीच FTA पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन मतभेदों के कारण 2013 में यह ठप हो गई। जून 2022 में बातचीत दोबारा शुरू हुई और अब जाकर इस ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बनी है।
वित्त वर्ष 2024-25 में EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा, जिसमें कुल व्यापार करीब 136 अरब डॉलर का था।

समझौते के बड़े ऐलान (Highlights)

बीयर पर टैक्स घटाकर 50%, स्पिरिट्स पर 40%, वाइन पर 20-30%

मोटर गाड़ियों पर टैक्स 110% से घटाकर 10%, सालाना 2.5 लाख गाड़ियों की सीमा

ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, वेजिटेबल ऑयल, फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स खत्म

EU के ज़्यादातर केमिकल्स, मशीनरी, फार्मा और एयरक्राफ्ट उत्पादों पर टैक्स में भारी कटौती

भारत में EU के 90% से ज्यादा उत्पादों पर टैक्स खत्म या कम

भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के लिए EU की ओर से €500 मिलियन का सहयोग

डिजिटल ट्रेड, SME सेक्टर और सर्विसेज़ के लिए विशेष अध्याय

बेहतर बाज़ार पहुंच से नए बिज़नेस और रोज़गार के अवसर

आगे की प्रक्रिया

हालांकि राजनीतिक सहमति बन चुकी है, लेकिन समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर में कम से कम छह महीने लग सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्षों को इसकी कानूनी समीक्षा करनी होगी।

कुल मिलाकर, भारत-EU FTA न केवल व्यापारिक रिश्तों को नई ऊँचाई देगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, रणनीतिक सहयोग और टिकाऊ विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button