जैसलमेर: भारतीय वायु सेना 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में ‘एक्सरसाइज वायुशक्ति-26’ के जरिए अपनी मारक क्षमता और रणनीतिक ताकत का भव्य प्रदर्शन करेगी। यह अभ्यास दुश्मन को त्वरित और निर्णायक जवाब देने, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस में दक्षता और आपदा प्रबंधन में वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करेगा।
दुश्मन को सबसे तेज और प्रचंड जवाब देने की क्षमता
वायुशक्ति-26 के दौरान भारतीय वायु सेना अपनी उस क्षमता को प्रदर्शित करेगी, जिसके तहत वह ऑपरेशन की शुरुआत से ही युद्धक्षेत्र का माहौल अपने पक्ष में कर सकती है और सामरिक कार्रवाइयों को रणनीतिक परिणामों में बदल सकती है। अभ्यास का उद्देश्य यह दिखाना है कि आईएएफ किसी भी खतरे का त्वरित, सटीक और प्रभावी जवाब देने में सक्षम है।
एडवांस वेपन सिस्टम की ताकत
इस हाई-इंटेंसिटी अभ्यास में शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशंस (SRLM), आकाश मिसाइल सिस्टम, स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) जैसे अत्याधुनिक हथियार सिस्टम दिन, शाम और रात के मिशनों में हिस्सा लेंगे।
अभ्यास के जरिए लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और वायु क्षेत्र में पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। ‘वायुशक्ति-26’ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी रेखांकित करेगा।
मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस और आत्मनिर्भर भारत
यह अभ्यास मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस—यानी वायु, भूमि और अन्य आयामों में समन्वित कार्रवाई—की क्षमता को दर्शाएगा। साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के तहत स्वदेशी प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियों के उपयोग से निर्णायक प्रभाव डालने की शक्ति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ मूल्यों से प्रेरित यह आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में वायु सेना की केंद्रीय भूमिका को मजबूत संदेश देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आधुनिक फाइटर और ट्रांसपोर्ट बेड़े की भागीदारी
अभ्यास में भारतीय वायु सेना के अत्याधुनिक फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। इनमें तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और हॉक जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं।
इसके अलावा सी-130जे, सी-295, सी-17 जैसे ट्रांसपोर्ट विमान तथा चेतक, एएलएच एमके-IV, एमआई-17 IV, एलसीएच, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर भी भाग लेंगे। रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) भी पूर्ण स्पेक्ट्रम ऑपरेशंस का हिस्सा होंगे।
आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता की झलक
‘वायुशक्ति-26’ केवल युद्ध क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसमें आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता अभियानों में वायु सेना की भूमिका की झलक भी दिखाई जाएगी। इसमें देश और विदेश के संघर्ष क्षेत्रों से त्वरित एयरलिफ्ट, बचाव और निकासी अभियानों की क्षमताओं का प्रदर्शन शामिल होगा।
पोखरण की धरती पर होने वाला यह अभ्यास न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह देश को यह भरोसा भी दिलाएगा कि भारतीय वायु सेना हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।














