गाज़ीपुर – पुलिस ने करंडा थाना क्षेत्र में हुए लल्लन यादव हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। जमीन विवाद के चलते की गई इस हत्या में शामिल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बोलेरो वाहन, फावड़ा, लोहे की छड़, मृतक का टूटा मोबाइल, चश्मा, डायरी और जले हुए कपड़े बरामद किए हैं। लल्लन यादव 2 दिसंबर 2025 से लापता थे और उनका शव 4 दिसंबर को नंदगंज क्षेत्र की तुरना पुलिया के नीचे पाया गया था।
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिली अहम जानकारी
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और घटनास्थल की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश लल्लन यादव के रिश्तेदार हीरा यादव और उसके पुत्र अखिलेश उर्फ दीपक ने रची थी। दोनों ने बड़सरा गांव के रहने वाले अपने पुराने परिचित धर्मेंद्र कुमार, छोटू कश्यप और राजेश कुमार को पैसे देकर हत्या के लिए तैयार किया था।
योजना बनाकर की गई थी हत्या
योजना के मुताबिक, छोटू कश्यप ने लल्लन यादव को गांव से बाहर बुलाया। इसके बाद धर्मेंद्र और राजेश उन्हें बोलेरो में बैठाकर लगभग 15 किलोमीटर दूर तुरना गांव ले गए। वहीं पर लल्लन की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को पुलिया के नीचे सीमेंट पाइप में छिपाकर मिट्टी से ढक दिया था, जिससे घटना को छिपाया जा सके।
पुलिस टीम ने किया सराहनीय काम
मंगलवार को करंडा पुलिस टीम ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता हीरा यादव, उसके पुत्र अखिलेश उर्फ दीपक, और सह-आरोपी राजेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार एवं छोटू कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ मु.अ.सं. 229/25, धारा 103(1), 3(5), 61(2), 238 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पकड़ने वाली टीम में थाना प्रभारी राजनरायण, उपनिरीक्षक जितेंद्र उपाध्याय तथा पुलिसकर्मी विरेंद्र यादव, वैभव यादव, सत्येंद्र दूबे, राघवेंद्र मिश्रा और शुभम कुमार शामिल रहे। पुलिस अब वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।














