गाजीपुर। करंडा विकास खंड में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने शुक्रवार को अनोखा प्रदर्शन किया। भवानीपुर उर्फ तिवारी, वार्ड संख्या–32 से क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविन्द कुमार प्रजापति गले में तख्ती बांधकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार के कार्यालय पहुंचे। तख्ती पर लिखा था— “योगी राज में करंडा ब्लॉक में भ्रष्टाचार जिंदा है, डीएम साहब मौन? हमारी कभी भी हो सकती है हत्या?”
फर्जी जांच रिपोर्ट लगाने का आरोप
क्षेत्र पंचायत सदस्य ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने 19 अगस्त को जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से करंडा ब्लॉक में मानकविहीन और भ्रष्टाचारयुक्त कार्यों की शिकायत की थी। आरोप है कि अवर अभियंता (आर.ई.डी.), खंड विकास अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख की कथित मिलीभगत से बिना वास्तविक जांच किए फर्जी जांच आख्या तैयार कर दी गई।
नोटरी बयान के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गोविन्द कुमार प्रजापति का कहना है कि फर्जी जांच रिपोर्ट के विरोध में उन्होंने 6 नवंबर को जिलाधिकारी कार्यालय के जनता दर्शन में नोटरी बयान और साक्ष्यों के साथ दोबारा विस्तृत शिकायत दी, लेकिन आज तक न तो किसी स्वतंत्र जांच का गठन हुआ और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद बढ़ा दबाव और भय
पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार दबाव और भय का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आशंका जताई कि “भ्रष्टाचार उजागर करने की कीमत कहीं हमारी जान न बन जाए।”
20 बिंदुओं पर भ्रष्टाचार का आरोप, सुरक्षा की मांग
शुक्रवार को उन्होंने करंडा ब्लॉक क्षेत्र पंचायत में फैले भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर 20 बिंदुओं पर आधारित शिकायत, नोटरी के साथ जिलाधिकारी को सौंपी। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई हो और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।














