गाजीपुर।गाजीपुर जनपद के गहमर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड के वांछित अभियुक्त ओम सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई से गहमर तिहरे हत्याकांड की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।
मुठभेड़ में गिरफ्तारी, पैर में लगी गोली
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गहमर पुलिस और चौकी सेवराई पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गहमर तिहरे हत्याकांड में वांछित अभियुक्त ओम सिंह इलाके में मौजूद है और फरार होने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मठिया घाट के पास पहुंची। तभी सामने से आ रहे संदिग्ध युवक ने पुलिस को देखते ही जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
अस्पताल में भर्ती, अवैध तमंचा बरामद
घायल अभियुक्त को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा, गाजीपुर भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर और एक खोखा कारतूस बरामद किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ओम सिंह (उम्र लगभग 19 वर्ष), पुत्र सुनील सिंह, निवासी ग्राम गहमर पट्टी खेलूराय, थाना गहमर, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है।
पूछताछ में उगले राज, क्या थी तिहरी हत्या की वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में ओम सिंह ने गहमर तिहरे हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि हत्या की वजह पुरानी रंजिश और आपसी विवाद थी, जो धीरे-धीरे खूनी संघर्ष में बदल गई।
अभियुक्त ने यह भी कबूला है कि वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई गई थी और मौके पर एक से अधिक लोग शामिल थे।
कौन-कौन थे हत्याकांड में शामिल
पुलिस के मुताबिक, गहमर तिहरे हत्याकांड में ओम सिंह के अलावा उसके कुछ अन्य सहयोगी भी शामिल थे, जिनकी पहचान कर ली गई है। पुलिस अब उनके ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।














