नई दिल्ली: संसद की गरिमा, अनुशासन और परंपराओं को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया है। संसद परिसर में ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल से लेकर बजट की तारीख और संसदीय मर्यादा तक, स्पीकर ने दो टूक कहा है कि नियमों से समझौता किसी भी सूरत में नहीं किया जाएगा और जो भी संसद की गरिमा से खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
ई-सिगरेट मामला: जांच जारी, संदेश सख्त
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में ई-सिगरेट के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा गंभीर जांच के दायरे में है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की जांच चल रही है और जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संसद केवल कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है, जहां अनुशासन और मर्यादा सर्वोपरि हैं। “संसद की गरिमा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” स्पीकर ने दोहराया।
गौरतलब है कि बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने सदन में एक सदस्य पर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाते हुए स्पीकर से कार्रवाई की मांग की थी। सत्ता पक्ष ने इसे संसद की मर्यादा के खिलाफ बताया था, जिसके बाद मामला औपचारिक जांच में गया।
बजट की तारीख पर भी स्पष्टता
लोकसभा स्पीकर ने इस साल के केंद्रीय बजट को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को ही पेश होगा, भले ही वह दिन रविवार क्यों न हो। स्पीकर ने जोर देते हुए कहा कि संसदीय परंपराएं और नियम किसी तारीख या दिन से ऊपर हैं, और इन्हें हर हाल में निभाया जाएगा।
भारत करेगा राष्ट्रमंडल स्पीकर्स सम्मेलन की मेजबानी
इसी बीच भारत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संसदीय आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है। 16 वर्षों बाद भारत एक बार फिर कॉमनवेल्थ प्रीसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CPOC) की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक पुराने संसद भवन परिसर में आयोजित होगा।
इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के 56 में से 43 देश भाग ले रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान इसमें शामिल नहीं हो रहा है, जबकि बांग्लादेश में संसद न होने के कारण वहां से कोई प्रतिनिधि नहीं आएगा।
15 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
तीन दिवसीय इस अहम सम्मेलन का 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औपचारिक उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, मालदीव सहित कई प्रमुख देशों की भागीदारी इसे कूटनीतिक और लोकतांत्रिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
संसद में AI और डिजिटल लोकतंत्र पर मंथन
सम्मेलन के दौरान संसद से जुड़े भविष्य के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें—
संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग
डिजिटल संसद की अवधारणा
सांसदों की जवाबदेही और आचरण
लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत करना
भारत इस मंच के जरिए खुद को आधुनिक, डिजिटल और तकनीक-सक्षम लोकतंत्र के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
एक ओर जहां संसद की गरिमा को लेकर लोकसभा स्पीकर का सख्त रुख साफ संदेश देता है कि अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स सम्मेलन की मेजबानी भारत की वैश्विक लोकतांत्रिक नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करती है।
संदेश साफ है—
संसद में नियम सर्वोपरि हैं, और लोकतंत्र को आधुनिक बनाते हुए उसकी मर्यादा बनाए रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।














