कैसरगंज से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। एक निजी चैनल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत लोकसभा से अपमानित कर बाहर किया गया। पूर्व सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि अगर वह जीवित रहे तो एक बार फिर सांसद बनकर लोकसभा जरूर पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि लोकसभा से हटाए जाने का अपमान उनके दिल में अब भी टीस बनकर मौजूद है, जिसे वह जरूर भरेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला जनता करेगी। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि वह भारतीय जनता पार्टी से ही सांसद बनकर संसद पहुंचें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर बीजेपी उनके बेटे को टिकट देती है, तो वह भी चुनाव लड़ेंगे।
अखिलेश यादव पर दिखाई नरमी
पूर्व सांसद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि जब वह अपने जीवन के सबसे खराब दौर से गुजर रहे थे, तब अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार को वह कभी नहीं भूल सकते और इसे अपना एहसान मानते हैं।
राम मंदिर उद्घाटन को लेकर नाराज़गी
राम मंदिर उद्घाटन समारोह को लेकर भी बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता होने के बावजूद उन्हें मंदिर उद्घाटन का न्योता नहीं दिया गया। बाद में जब दूसरी बार निमंत्रण मिला, तो उन्होंने स्वयं जाने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह अपने स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं कर सकते। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि जिन लोगों का राम जन्मभूमि आंदोलन में कोई योगदान नहीं था, उन्हें बुलाया गया, जबकि असली कारसेवकों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राम मंदिर निर्माण में उनका या विनय कटियार का योगदान किसी फिल्मी हीरो-हीरोइन से कम था?
राहुल गांधी पर दिया बयान
राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राहुल गांधी उनके निशाने पर नहीं हैं, लेकिन जब वह सेना और सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं, तो एक आम नागरिक के तौर पर उन्हें पीड़ा होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि ‘राष्ट्रकथा’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रण दिया गया है। योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में आएंगे या नहीं, यह उनका निजी निर्णय है, लेकिन उनका मन कहता है कि मुख्यमंत्री योगी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।














