Saturday, January 31, 2026
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UGC नियम और शंकराचार्य प्रकरण पर बड़ा कदम: PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, ब्राह्मणों के लिए वैकल्पिक राजनीति की अपील

बरेली: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए UGC भेदभाव विरोधी नियम–2026 और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कथित अपमान को लेकर उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के अधिकारी और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि इन दोनों गंभीर मामलों पर केंद्र और राज्य सरकारों में बैठे ब्राह्मण एवं सामान्य वर्ग के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने समाज को गहरे भ्रम और असमंजस में डाल दिया है।

“जनप्रतिनिधि समाज के प्रति जवाबदेह नहीं रहे”

इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों को ब्राह्मण और सामान्य वर्ग की जनता ने चुना, वे अपने समाज के हितों पर खुलकर बोलने में विफल रहे हैं।
उनका आरोप है कि आज कई जनप्रतिनिधि समाज का प्रतिनिधित्व करने के बजाय सत्ता और कॉर्पोरेट व्यवस्था के मूक सेवक बनकर रह गए हैं।

राज्यपाल और चुनाव आयोग को भेजे पत्र में क्या लिखा?

अपने त्यागपत्र में उन्होंने बताया कि वे 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं और वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने IIT (BHU) से बी.टेक. की शिक्षा प्राप्त की है और महामना मदन मोहन मालवीय के आदर्शों से प्रेरित हैं।

पत्र में उन्होंने प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्मणों की शिखा/चोटी जैसे धार्मिक प्रतीकों का अपमान न केवल एक समुदाय, बल्कि पूरे हिंदू समाज की अस्मिता पर आघात है।

UGC Regulation 2026 पर गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने UGC Regulation 2026 को लेकर दावा किया कि—

सामान्य वर्ग के छात्रों को स्वतः संदेह के घेरे में रखा गया है

नियमों की भाषा असमान और भेदभावपूर्ण है

फर्जी शिकायतों के ज़रिए सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की आशंका है

उन्होंने इसे सरकार की “Divide & Rule” (फूट डालो और शासन करो) जैसी नीति बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।

सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियां और सच्चाई

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक बातें फैल रही हैं:

“अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए दिया”
सच्चाई: उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक और नीतिगत कारण गिनाए हैं।

“UGC नियम सभी वर्गों पर समान रूप से लागू हैं”
सवाल: नियमों की भाषा और प्रक्रिया स्पष्ट न होने से असमानता की आशंका जताई जा रही है।

“शंकराचार्य प्रकरण मामूली घटना थी”
सच्चाई: धार्मिक आस्थाओं और प्रतीकों से जुड़ी घटनाएं समाज के बड़े वर्ग को आहत करती हैं।

वैकल्पिक राजनीति की अपील

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि आज ब्राह्मण और सामान्य वर्ग स्वयं को अनाथ और असहाय महसूस कर रहा है।
उन्होंने अपील की—

“अब समय आ गया है कि ब्राह्मण और सामान्य वर्ग अपने हितों की रक्षा के लिए वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था तैयार करें, ताकि सरकारों को भ्रम से बाहर निकाला जा सके।”

PCS अधिकारी का यह इस्तीफा केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि नीतियों, प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले समय में यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।

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