लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश सरकार के 20 प्रमुख विभागों द्वारा प्रस्तुत की गई योजनाओं और परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आवंटित बजट का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों और प्रदेशवासियों को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारियों में निर्णय लेने की क्षमता और तत्परता विकसित होनी चाहिए। जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वहां तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बजट खर्च को लेकर हर स्तर पर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समन्वय और निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभागीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक माह नियमित समीक्षा बैठक करें। साथ ही उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि जिन विभागों का आवंटित बजट किसी कारणवश अब तक जारी नहीं हो पाया है, उसे तत्काल जारी किया जाए, ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
केंद्र से बजट प्राप्ति के लिए सक्रिय पहल
मुख्यमंत्री ने सभी 20 प्रमुख विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट स्वीकृत किया जाना है, उनके लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्वयं दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से समन्वय करें। इसके साथ ही पत्राचार, फोन कॉल और नियमित फॉलो-अप के माध्यम से बजट जारी कराने की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
2026-27 के बजट की तैयारी अभी से
बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू की जाए। इसके लिए सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट मांग की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि नए बजट आवंटन से पहले विभागों के पिछले पांच वर्षों के खर्च और उनकी उपयोगिता का गहन आकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि वित्त विभाग नई कार्ययोजना पर तुरंत काम शुरू करे और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करे, ताकि आगामी वर्ष के लिए समय पर और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा सके।














