बीएमसी चुनाव से ठीक पहले उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा और सियासी बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुंबई में ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं चलेगा, यहां सिर्फ ‘जय महाराष्ट्र’ ही चलेगा।
संजय राउत ने बीएमसी चुनावों में बीजेपी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य बड़े नेताओं को स्टार प्रचारक बनाए जाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री है, तो फिर मोदी जी को मुंबई आने की क्या जरूरत है? क्या राज्य का नेतृत्व सक्षम नहीं है?
‘बाहरी नेताओं को लाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश’
राउत ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मुंबई लाकर जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि मुंबई में सिर्फ ‘जय श्रीराम’ का नारा चलेगा, तो वह गलतफहमी में है। मुंबई की पहचान ‘जय महाराष्ट्र’ से है और वही रहेगी।
मराठी मेयर का मुद्दा उठाया
संजय राउत ने कहा कि बीजेपी का असली मकसद मुंबई में किसी भी हाल में ‘मराठी मानुस’ को मेयर बनने से रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मुंबई की मराठी पहचान को खत्म करने की साजिश रच रही है।
MNS-UBT का संयुक्त घोषणापत्र कल
राउत ने बताया कि मनसे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का संयुक्त घोषणापत्र कल जारी किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों दलों की संयुक्त सभाएं भी होंगी।
उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे इस रणनीति पर काम कर रहे हैं, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और नाशिक में संयुक्त जनसभाएं करेंगे।
‘मुंबई को बेचने और बांटने की साजिश’
संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग मुंबई को बेचने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि ‘मुंबई बचाने’ की लड़ाई है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले शिवसेना बीजेपी को सीटें दिया करती थी, लेकिन अब शिंदे गुट को बीजेपी के सामने सीटों के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है।
BMC चुनाव की तारीख
गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।














