पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद गर्म है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के ऐलान के बाद राज्य में नए सियासी समीकरण बनने लगे हैं। इसी बीच एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार आज औपचारिक रूप से जदयू (JDU) की सदस्यता लेकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे। बताया जा रहा है कि वे अपनी सियासी यात्रा चंपारण से शुरू करेंगे और भविष्य में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार भी माना जा रहा है।
जदयू में शामिल होंगे निशांत कुमार
रविवार को जदयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में निशांत कुमार पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सदस्यता लेने के बाद वे अपने पिता की राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चंपारण से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने अधिकांश राजनीतिक अभियानों और यात्राओं की शुरुआत चंपारण से ही की है। ऐसे में निशांत की राजनीतिक शुरुआत भी इसी क्षेत्र से कराई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में जदयू के संगठनात्मक ढांचे में निशांत की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नई सरकार के गठन की स्थिति में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलेंगे मुख्यमंत्री
इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में यह उनकी अंतिम यात्रा हो सकती है।
यह यात्रा 10 मार्च से शुरू होकर 13 मार्च तक चलेगी, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के कई जिलों का दौरा करेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार है:
10 मार्च: सुपौल
11 मार्च: किशनगंज और अररिया
12 मार्च: कटिहार और पूर्णिया
13 मार्च: मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया
बताया जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधेपुरा में अपने पुराने मित्र और जदयू नेता ललन सराफ के घर ठहरेंगे।
अमित शाह से मिलेंगे सम्राट चौधरी
इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। जानकारी के अनुसार अमित शाह पश्चिम बंगाल जाते समय कुछ देर के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पर रुकेंगे, जहां सम्राट चौधरी उनसे मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात को बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, राज्यसभा चुनाव और संभावित नई सरकार के गठन से जोड़कर देखा जा रहा है।
बदलते सियासी समीकरणों पर नजर
नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के ऐलान और निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री ने बिहार की राजनीति को नई दिशा दे दी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि जदयू और एनडीए की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और नई सत्ता संरचना में किसे क्या भूमिका मिलती है।
फिलहाल राज्य की राजनीति में तेज हलचल है और सभी की निगाहें नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, निशांत कुमार की राजनीतिक शुरुआत और दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण मुलाकातों पर टिकी हुई हैं।














