महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुआ विमान हादसा न सिर्फ एक तकनीकी दुर्घटना था, बल्कि उन चंद मिनटों की कहानी भी है, जब हर सही कोशिश के बावजूद हालात काबू से बाहर चले गए। इस भीषण प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (66) समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई।
यह चार्टर्ड बिजनेस जेट विमान मुंबई से उड़ान भरकर बारामती के लिए रवाना हुआ था। सुबह करीब 8:18 बजे विमान ने बारामती एयरफील्ड से पहला रेडियो संपर्क किया। मौसम को दृश्य उड़ान (VFR) के लिए अनुकूल बताया गया था, लेकिन दृश्यता केवल करीब 3000 मीटर थी, जो लैंडिंग के लिहाज़ से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
तकनीकी खराबी और पहली नाकाम कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, लैंडिंग से पहले विमान में तकनीकी खराबी सामने आई। अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर—जिनके पास 15,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव था—ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को स्थिति से अवगत कराया। पहली बार रनवे 11 पर लैंडिंग की कोशिश की गई, लेकिन रनवे स्पष्ट दिखाई न देने के कारण पायलट ने गो-अराउंड का फैसला लिया।
मेडे कॉल और आख़िरी क्षण
स्थिति गंभीर होती देख पायलट ने ‘मेडे कॉल’ जारी किया—यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य आपातकालीन संकेत होता है, जो यह बताता है कि विमान और उसमें सवार लोगों की जान खतरे में है। ATC से आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मिल गई।
दूसरी बार भी रनवे साफ नजर नहीं आया। कुछ क्षण बाद पायलट ने रेडियो पर कहा कि रनवे दिख गया है। सुबह 8:43 बजे लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन इसके बाद विमान से कोई जवाब नहीं आया।
ठीक एक मिनट बाद, 8:44 बजे, रनवे के पास आग की लपटें दिखाई दीं। आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान का मलबा रनवे 11 के बाईं ओर बिखरा मिला।
#BreakingNews रिपोर्ट्स के मुताबिक इस विमान में DyCM अजित पवार सवार थे।
क्रैश में 5 लोगों की मौत 3 पैसेंजर, 1 पायलट, 1 क्रू मेंबर।
DGCA की तरफ़ से पुष्टि की गई है।
विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतज़ार जारी।#Baramati #PlaneCrash #AjitPawar #Maharashtra pic.twitter.com/rk8NKyNEed— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) January 28, 2026
अनियंत्रित एयरफील्ड बना चुनौती
बारामती एक अनियंत्रित एयरफील्ड है, जहां नियमित ATC की बजाय स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल के पायलट ट्रैफिक की जानकारी साझा करते हैं। ऐसे में सीमित दृश्यता और तकनीकी खराबी का संयोजन बेहद घातक साबित हुआ।
विमान वर्ष 2010 में निर्मित था। इसके सभी एयरवर्दीनेस और उड़ान प्रमाणपत्र वैध थे और हाल ही में इसकी तकनीकी जांच भी की गई थी। को-पायलट के पास भी करीब 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था और दोनों क्रू मेंबर मेडिकल रूप से फिट घोषित थे।
AAIB करेगी जांच
हादसे की औपचारिक जांच अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) करेगी। ब्लैक बॉक्स डेटा, रेडियो कम्युनिकेशन रिकॉर्ड और मौसम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना की वास्तविक वजह तकनीकी विफलता थी, दृश्यता की समस्या या दोनों का घातक मेल।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
जून 2025 में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में भी पायलट ने दुर्घटना से पहले मेडे कॉल किया था। उस घटना में भी जवाब और समन्वय को लेकर सवाल उठे थे, जिससे विमानन सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर बहस शुरू हुई थी।
जिस विमान ने धोखा दिया
अजित पवार जिस Learjet 45 चार्टर्ड विमान में सवार थे, वह एक प्रसिद्ध बिजनेस जेट श्रेणी का विमान है। इसकी टॉप स्पीड 860 किमी प्रति घंटा है और यह छोटे रनवे पर लैंडिंग के लिए उपयुक्त माना जाता है। हालांकि कंपनी ने 2021 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया था, लेकिन दुनिया भर में इसकी सर्विस और मेंटेनेंस अब भी जारी है।














