गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा आयोजित बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं गाजीपुर स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 27 जनवरी से प्रारंभ हुई थीं, जो 4 फरवरी बुधवार को सकुशल सम्पन्न हो गईं। परीक्षा के अंतिम दिन बुधवार को 9 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए, जिन्हें तत्काल रिस्टीकेट कर दिया गया।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय को 23 बीएड महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक संचालित हुई। बुधवार को कुल पंजीकृत 2182 परीक्षार्थियों में से 2120 उपस्थित रहे, जबकि 62 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।
परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा गया। साथ ही परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर में प्रवेश के समय पुलिस बल, पीएससी तथा आंतरिक उड़ाका दल द्वारा सघन तलाशी ली गई। छात्रों को मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध था।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा कक्षों की गहन जांच के दौरान अंतिम दिन 9 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि 27 जनवरी से 4 फरवरी तक आयोजित परीक्षा अवधि में कुल 64 नकलची पकड़े गए, जिन्हें रिस्टीकेट कर दिया गया। आंतरिक उड़ाका दल में प्रो. (डॉ.) सुजीत कुमार सिंह, प्रो. (डॉ.) संजय चतुर्वेदी, डॉ. श्रवण कुमार शुक्ल, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. गोपाल सिंह यादव, डॉ. अर्मिता सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।














