असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद असम की सियासत में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान के नागरिक अली तौकीर शेख और एक पाकिस्तानी एनजीओ से संबंध हैं। उनके अनुसार, एलिजाबेथ को पहले पाकिस्तान से जुड़े एक एनजीओ में नौकरी दी गई, बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन उनकी सैलरी और मैनेजमेंट पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के नियंत्रण में रही। सीएम के इन आरोपों ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
कौन हैं एलिजाबेथ गोगोई?
एलिजाबेथ गोगोई, जिनका मूल नाम एलिजाबेथ कोलबर्न है, का जन्म यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुआ था। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से इंटरनेशनल पॉलिटिकल इकोनॉमी में मास्टर डिग्री हासिल की है। वर्ष 2013 में उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से विवाह किया।
एलिजाबेथ पहले क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के साथ काम कर चुकी हैं। CDKN की वेबसाइट पर 2014 में लिखा गया उनका एक लेख आज भी मौजूद है, जिसमें उन्होंने भारत और नेपाल में संगठन के काम को कोऑर्डिनेट करने की बात कही है।
किन एनजीओ और संस्थानों के साथ किया काम?
वेबसाइट के अनुसार, एलिजाबेथ मार्च 2011 में CDKN से जुड़ी थीं। उनका काम जलवायु परिवर्तन और विकास नीति से जुड़ा रहा है। इसमें 2009 में यूरोपियन पार्लियामेंट में EU क्लाइमेट चेंज पैकेज पर बातचीत, ओवरसीज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ODI) में EU डेवलपमेंट कोऑपरेशन पर रिसर्च शामिल रही।
इसके अलावा, उन्हें US सीनेट, संयुक्त राष्ट्र (UN) सचिवालय, और तंजानिया व दक्षिण अफ्रीका के एनजीओ के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है।
SIT जांच और गृह मंत्रालय तक मामला
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि असम सरकार ने एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया था, जो एक ब्रिटिश नागरिक और एक सांसद से जुड़े कथित भारत-विरोधी षड्यंत्र की जांच कर रही थी। मामले की गंभीरता और विदेशी नागरिकों की संलिप्तता को देखते हुए अब यह जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपी जाएगी।
सीएम के अनुसार, SIT की रिपोर्ट और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज MHA को भेजे जाएंगे, जिसके बाद केंद्र सरकार किसी भी केंद्रीय एजेंसी से आगे की जांच करवा सकती है।
पाकिस्तान यात्रा को लेकर आरोप
पाकिस्तान दौरे से जुड़े आरोपों पर बिना नाम लिए सीएम ने कहा कि असम के एक मौजूदा सांसद ने उस समय पाकिस्तान की यात्रा की थी, जब उनके पिता राज्य के मुख्यमंत्री थे। गौरतलब है कि स्वर्गीय तरुण गोगोई 2001 से 2016 तक असम के मुख्यमंत्री रहे।
सीएम ने दावा किया कि इस पाकिस्तान यात्रा की जानकारी केंद्र सरकार को नहीं दी गई थी और यात्रा के दौरान संबंधित सांसद सोशल मीडिया से भी गायब रहे।
Ali Tauqeer Sheikh, a Pakistani national, close to military and political leadership, head of LEAD Pakistan, the main accused in the global conspiracy against India.
He incited communal discord, placed an agent in India, belittled Indians and funded anti-India activities.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) February 8, 2026
OCI रद्द करने की मांग
सीएम सरमा ने यह भी कहा कि असम सरकार एलिजाबेथ कोलबर्न का ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस या वीजा रद्द कराने की मांग करेगी। उनका दावा है कि एलिजाबेथ की भारत में मौजूदगी देश के हितों के लिए नुकसानदायक है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि असम पुलिस फोन कॉल जैसे ठोस सबूत जुटाने में सफल नहीं हो पाई, क्योंकि मामले में विदेशी नागरिक शामिल हैं।
ISI से संबंधों का दावा
मुख्यमंत्री ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस दंपति के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से करीबी संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग युवाओं को “ब्रेनवॉश और कट्टरपंथी बनाने” के लिए उन्हें पाकिस्तान हाई कमीशन तक ले जाते थे।
सीएम ने 2015 की एक बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय के पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने एक पहली बार चुने गए सांसद और उनके स्टार्टअप को भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा के लिए बुलाया था, जबकि वह सांसद विदेश मामलों की संसदीय समिति के सदस्य भी नहीं थे।
गौरव गोगोई का जवाब
इन सभी आरोपों पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकल और नेशनल मीडिया के सामने खुद को शर्मिंदा किया है।
गोगोई का दावा है कि 2.5 घंटे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी वहां मौजूद पत्रकार सीएम की बातों से सहमत नहीं हुए और असम की जनता भी इन आरोपों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने इसे सीएम का “पूरी तरह फ्लॉप शो” बताया और कहा कि वह 9 फरवरी को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखेंगे।
चुनाव से पहले उठे इन आरोपों ने असम की राजनीति को और अधिक तीखा बना दिया है, जहां अब राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंध और व्यक्तिगत आरोप सियासी बहस के केंद्र में आ गए हैं।














