गाजीपुर। जनपद के सुप्रसिद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के पूर्व छात्र संघ महामंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष यूथ कांग्रेस सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर उपजिलाधिकारी विनोद जोशी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ न दिए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप
सुधांशु तिवारी ने कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के नियमानुसार सरकारी एवं सहायता प्राप्त संस्थानों में EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान अनिवार्य है। इसके बावजूद वर्तमान में चल रही आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया में इस नियम की अनदेखी की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
पूर्व भर्तियों में मिला था EWS को लाभ
पूर्व छात्र नेता शशांक उपाध्याय ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पूर्व में हुई भर्तियों में EWS श्रेणी को आरक्षण का लाभ दिया गया था, लेकिन वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन अथवा चयन प्रक्रिया में EWS श्रेणी का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया, जिससे सामान्य वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
जांच न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने अपर उपजिलाधिकारी से इस मामले की तत्काल जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा,
“यह सामान्य वर्ग के युवाओं के अधिकारों का सीधा हनन है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि नियमानुसार EWS वर्ग के उम्मीदवारों को उनका उचित हक मिले। यदि कोई तकनीकी बाधा है तो उसे दूर कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए, अन्यथा हम सभी धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।”
कई युवा नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर दीपक उपाध्याय (पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष, पीजी कॉलेज), शशांक उपाध्याय, शिवम पांडेय, सुजीत राजभर, चमचम चौबे, ताम्रध्वज सहित कई अन्य युवा उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री और मंत्री को भी भेजी गई प्रतिलिपि
ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य (महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग) को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।














