Friday, January 16, 2026
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ठाकरे बंधुओं के बाद पवार परिवार पर सबकी नजर, पुणे मनपा चुनाव में बड़ा सियासी उलटफेर

मुंबई में ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने की आधिकारिक घोषणा के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें पवार परिवार पर टिकी हैं। पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट—अजीत पवार और शरद पवार—के साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं।

दोनों गुटों के नेताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि बातचीत चल रही है, हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस संभावित और बहुप्रतीक्षित गठबंधन में सीटों का बंटवारा किस फार्मूले पर होगा।

165 सीटों में 110 पर अजीत पवार की दावेदारी

टीवी9 को मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे महानगरपालिका की कुल 165 सीटों में अजीत पवार गुट 110 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है, जबकि शरद पवार को 55 सीटें देने पर बातचीत जारी है। 30 दिसंबर नामांकन की अंतिम तारीख है, ऐसे में समय कम और सियासी दबाव काफी ज्यादा है।

पुणे में MVA में बड़ा फेरबदल

एनसीपी के दोनों गुटों के साथ आने के फैसले के बाद पुणे में महा विकास आघाड़ी (MVA) प्रभावी रूप से बंटती नजर आ रही है। इस अप्रत्याशित गठजोड़ ने स्थानीय राजनीति के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।

बदले हालात में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने तेजी से रणनीति बदलते हुए पुणे महानगरपालिका चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने औपचारिक रूप से शिवसेना (यूबीटी) को गठबंधन का प्रस्ताव भेज दिया है।

कांग्रेस–शिवसेना (यूबीटी) में सीट बंटवारे पर मंथन

बताया जा रहा है कि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच 41 वार्डों और 165 कॉर्पोरेटर सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तेज हो गई है। गौरतलब है कि पुणे मनपा में 40 वार्डों से 4-4 और एक वार्ड से 5 कॉर्पोरेटर चुने जाते हैं।

एनसीपी के भीतर भी बातचीत जारी

अजीत पवार गुट के नेता सूरज चव्हाण और विधायक सना मलिक ने टीवी9 से बातचीत में कहा कि पुणे में शरद पवार की एनसीपी से बातचीत चल रही है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा।

शिंदे शिवसेना और बीजेपी का रुख साफ

वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने साफ किया है कि उनका गठबंधन केवल भाजपा के साथ है और इसमें एनसीपी अजीत पवार शामिल नहीं है।
बीजेपी का कहना है कि नवाब मलिक के कारण उन्होंने अजीत पवार से दूरी बना रखी है। हालांकि दोनों पवार अगर पुणे में साथ आते हैं तो यह उनकी निजी रणनीति है।

29 महानगरपालिकाओं में बीजेपी के साथ: शायना एनसी

शायना एनसी ने कहा कि उनकी पार्टी 29 महानगरपालिकाओं में भाजपा के साथ चुनाव लड़ेगी। अन्य जगहों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

कांग्रेस का अजीत पवार गुट से गठबंधन से इनकार

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी अजीत पवार गुट के साथ किसी भी तरह के गठबंधन के पक्ष में नहीं है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह कांग्रेस के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ होगा।
पार्टी 2017 के पुणे मनपा चुनाव की गलती दोहराना नहीं चाहती, जब 85 सीटों पर लड़कर कांग्रेस को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं।

विपक्ष को झटका, 22 नेता बीजेपी में शामिल

इस बीच विपक्ष को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (यूबीटी) के 22 पूर्व कॉर्पोरेटरों और पदाधिकारियों को पार्टी में शामिल कर लिया है। इससे पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में विपक्षी दलों को नए उम्मीदवारों की तलाश करनी पड़ रही है।

मनसे की एंट्री की भी संभावना

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस–शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन में शिवसेना कोटे की कुछ सीटें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को दी जा सकती हैं। इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट ने मनसे के साथ गठबंधन की संभावना भी टटोली थी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे एक साथ आते हैं, तो पुणे में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विपक्षी मोर्चा खड़ा हो सकता है और एंटी-बीजेपी वोटों का एकीकरण संभव है।

अब सबकी नजरें सीट बंटवारे पर

कांग्रेस नेता मोहन जोशी ने पुष्टि की है कि मुंबई में हुई कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में पुणे महानगरपालिका चुनाव शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर लड़ने का फैसला लिया गया है।

अब देखना यह होगा कि सीट बंटवारे की बातचीत किस दिशा में जाती है और क्या पुणे में एक व्यापक विपक्षी गठबंधन वास्तव में आकार ले पाता है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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