गाजीपुर – बिरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरनो ब्लॉक के समीप संचालित आर्यन हॉस्पिटल एक गंभीर विवाद और जांच के घेरे में आ गया है। रविवार को घटी एक सनसनीखेज घटना के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
महिला स्टाफ नर्स के गिरने से मचा हड़कंप
मामला रविवार का है, जब आर्यन हॉस्पिटल में कार्यरत एक महिला स्टाफ नर्स संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल की दूसरी मंजिल की छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
डॉक्टर पर जान से मारने की कोशिश का आरोप
घायल नर्स के भाई ने बिरनो थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर एस.के. कुशवाहा ने जानबूझकर उसकी बहन को छत से धक्का दिया और उसके साथ मारपीट भी की। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर एस.के. कुशवाहा के खिलाफ जान से मारने की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी डॉक्टर फरार बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में खुली पोल
घटना को गंभीरता से लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनो के अधीक्षक डॉ. सीपी मिश्रा ने आर्यन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अंदर आठ बेड, दो ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और अन्य चिकित्सकीय उपकरण पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल का नियमित रूप से संचालन किया जा रहा था।
बिना पंजीकरण चल रहा था अस्पताल
जब अधीक्षक ने अस्पताल के पंजीकरण और अन्य जरूरी कागजात मांगे, तो वहां मौजूद महिला कर्मी ने बताया कि अस्पताल का अब तक कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। उसने यह भी स्वीकार किया कि अस्पताल संचालन के लिए आवश्यक किसी भी प्रकार की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी और सब कुछ “ठीक-ठाक” होने के बाद रजिस्ट्रेशन कराने की योजना थी।
अधीक्षक की तहरीर, संचालक पर भी शिकंजा
इस जवाब से नाराज अधीक्षक डॉ. सीपी मिश्रा ने बिरनो थाने में तहरीर देकर अस्पताल संचालक धर्मेंद्र कुमार यादव और डॉक्टर एस.के. कुशवाहा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बिना पंजीकरण अस्पताल चलाने को गंभीर लापरवाही बताते हुए इसे मरीजों की जान से खिलवाड़ करार दिया।
पुलिस का बयान, जांच जारी
इस संबंध में बिरनो थानाध्यक्ष अजय कुमार यादव ने बताया कि घायल स्टाफ नर्स के भाई की तहरीर पर पहले ही डॉक्टर एस.के. कुशवाहा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक धर्मेंद्र कुमार यादव और डॉक्टर एस.के. कुशवाहा के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।














