पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एक महीने पहले चुनाव आयोग से पाँच अहम सवाल पूछे गए थे, लेकिन अब तक उनका कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया से जुड़े इन सवालों को लेकर वे 31 दिसंबर को दिल्ली जाएंगे और चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट सार्वजनिक करने की मांग करेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी वोटर लिस्ट जारी नहीं की गई, तो चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
“चुनाव आयोग क्या छिपा रहा है?”
अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर चुनाव आयोग किस दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को पूरा कर रहा है।
ECI प्रमुख पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा, “आप बीजेपी के आयुक्त नहीं हैं। या तो वोटर लिस्ट जारी करें या देश से माफी मांगें।”
उन्होंने दावा किया कि बंगाल में 1 करोड़ 36 लाख मतदाताओं को “तार्किक विसंगति” (Logical Discrepancy) की श्रेणी में डाल दिया गया है। उन्होंने पूछा कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को यह काम करने में इतना वक्त क्यों लग रहा है।
अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि डीजीपीआई आयुक्त सीमा खन्ना चुनाव आयोग में किसके इशारे पर काम कर रही हैं और उनके पास इससे जुड़े चैट रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आयोग खुद मान रहा है कि इस प्रक्रिया में गंभीर गलतियां हुई हैं और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाया जाएगा।
SIR के दबाव में BLO की मौत का दावा
अभिषेक बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनियोजित और दबाव भरी एसआईआर प्रक्रिया के कारण अब तक 5 बीएलओ की मौत हो चुकी है, जबकि 29 कर्मियों ने आत्महत्या की कोशिश की है।
उनका कहना है कि सभी पीड़ितों ने एसआईआर के मानसिक दबाव को आत्महत्या की वजह बताया है।
उन्होंने यह भी पूछा कि चुनाव आयोग ने किस सॉफ्टवेयर के जरिए 7 करोड़ मतदाताओं का विश्लेषण कर एक ही दिन में 1 करोड़ 36 लाख विसंगतियां निकाल लीं, जबकि अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया के लिए समय बढ़ाया गया।
बंगाल के लोग कराएंगे FIR
टीएमसी सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग को तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की पूरी सूची सार्वजनिक करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो बंगाल के लोग चुनाव आयोग के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे और ECI कार्यालय का घेराव करेंगे।
बीजेपी के घुसपैठ के दावे पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें बंगाल में 1 करोड़ घुसपैठियों की बात कही जाती है।
उन्होंने पूछा:
यदि एसआईआर का उद्देश्य अवैध घुसपैठियों की पहचान है, तो 58 लाख संदिग्धों में कितने बांग्लादेशी और कितने रोहिंग्या हैं?
अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा में एसआईआर क्यों नहीं कराया गया?
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए, फिर वहां सूक्ष्म पर्यवेक्षक क्यों नहीं हैं?
बांग्लादेश मुद्दे पर BJP को घेरा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर भी अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को हिंदू धर्म का रक्षक बताते हैं, वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। बीजेपी पर धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करने और सत्ता के लिए लोगों की भावनाओं से खेलने का आरोप लगाया।














