चंडीगढ़:आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे सरकार की संवेदनहीनता साफ झलकती है।
शिक्षकों को जनगणना में लगाने पर सवाल
ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में पहले ही शिक्षकों और स्टाफ की भारी कमी है, बावजूद इसके सरकार ने शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगा दिया है। इससे छात्रों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में जहां केवल एक ही शिक्षक है, उसे भी जनगणना ड्यूटी पर भेज दिया गया है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई ठप होने की स्थिति बन गई है।
हजारों पद खाली, स्कूलों में संकट
ढांडा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में 15,451 शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें:
3,998 पीजीटी शिक्षक
7,707 टीजीटी और हेडमास्टर
3,746 पीआरटी और प्रधान शिक्षक शामिल हैं
उन्होंने कहा कि नूंह जिले में सबसे अधिक 4,954 पद खाली हैं, जबकि यमुनानगर, पलवल, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में शिक्षक नहीं हैं।
सैकड़ों स्कूलों में शिक्षक ही नहीं
ढांडा के अनुसार, हरियाणा के 298 सरकारी स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है, जबकि 1,051 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना बेहद चिंताजनक है।
भाजपा सरकार पर तीखा हमला
ढांडा ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को शिक्षा के मोर्चे पर असफल करार देते हुए कहा कि एक ओर सरकार खाली पद नहीं भर पा रही है, वहीं दूसरी ओर जो शिक्षक उपलब्ध हैं, उन्हें भी गैर-जरूरी कार्यों में लगा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।














