IIT-JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली अग्रणी शिक्षण संस्था ध्रुव क्लासेज़ ने शिक्षा को केवल अंकों और चयन तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल की। इसी उद्देश्य से Jaypee Public School, Greater Noida में एक भव्य शैक्षणिक-पर्यावरणीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद, प्रशासक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलराज मिश्र, पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, ने अपने प्रेरक संबोधन में भारतीय संस्कृति और भगवद् गीता के संदेशों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हुए कहा—
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”—अर्थात हमारा अधिकार कर्म पर है, फल पर नहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा भी एक निष्काम कर्म है, जिसका उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना होना चाहिए।
कलराज मिश्र ने आगे कहा कि यदि पर्यावरण संरक्षण, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सोच बचपन से ही शिक्षा का हिस्सा बन जाए, तो विद्यार्थी आगे चलकर MSME सेक्टर के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो ज्ञान के साथ-साथ रोज़गार सृजन करने वाले उद्यमी भी बनें। गीता के एक अन्य श्लोक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा—
“योगः कर्मसु कौशलम्”—कर्म में कुशलता ही योग है।
शिक्षा में यही कौशल छात्रों को आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने में सक्षम बनाएगा।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. के. भारती ने कहा कि शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित करना उसके मूल उद्देश्य के साथ अन्याय है। शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना है, ताकि वे समाज के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।
इस अवसर पर IAS शैलेंद्र कुमार भाटिया ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “गौतम बुद्ध ने समाज को सोच की एक नई लकीर दी थी, आज समय आ गया है कि हम सब भी अपने-अपने क्षेत्र में एक नई लकीर खींचने का साहस रखें।”
उन्होंने कहा कि नीतियाँ तभी सफल होती हैं जब शैक्षणिक संस्थान, समाज और विद्यार्थी मिलकर उन्हें ज़मीन पर उतारते हैं। पर्यावरण संरक्षण में छात्रों की सक्रिय भागीदारी दीर्घकालिक और स्थायी समाधान दे सकती है।
कार्यक्रम में Lohum के वाइस प्रेसिडेंट चेतन जैन ने बैटरी रीसाइक्लिंग, सस्टेनेबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार तकनीक, रिसर्च और जागरूकता के ज़रिए पर्यावरणीय चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है, जिससे MSME और ग्रीन-इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलता है।
वहीं Affinity Sky के प्रतिनिधियों ने नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा-उद्योग सहयोग, प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग और वैश्विक अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया कि कैसे वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारत की प्रतिभा, नवाचार और संस्कृति का परचम लहरा सकते हैं।
#GreaterNoida #DhruvClasses का शैक्षणिक-पर्यावरणीय सम्मेलन सम्पन्न।
IIT-JEE/NEET तैयारी के साथ पर्यावरण व सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर।
कलराज मिश्रा पूर्व हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल सहित शिक्षाविदों ने जिम्मेदार नागरिक निर्माण का संदेश दिया।#EducationWithResponsibility pic.twitter.com/n0FA5gMB5y
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) January 17, 2026
ध्रुव क्लासेज़ के निदेशक ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल छात्रों को IIT या NEET में चयन दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और राष्ट्रहित में सोचने वाला नागरिक बनाना है, जो शिक्षा, पर्यावरण और उद्यमशीलता के माध्यम से समाज को नई दिशा दे सके।
Jaypee Public School की प्रधानाचार्या मीता भांडुला ने कहा कि ऐसे सम्मेलन विद्यालयों को शिक्षा की नई सोच और नई दिशा प्रदान करते हैं। इससे न केवल छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है, बल्कि वे राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक, पर्यावरणीय और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शिक्षा के माध्यम से एक सशक्त, आत्मनिर्भर और पर्यावरण-सचेत भारत का निर्माण किया जा सके।














