नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे युवा NRI छात्रों से संवाद किया है। इस बातचीत का 6 मिनट 37 सेकेंड का वीडियो राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर साझा किया गया है, जिसमें वे GenZ स्टूडेंट्स के एक समूह से बिना किसी औपचारिकता के खुलकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में छात्र राहुल गांधी से उनकी भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सवाल पूछते दिखाई देते हैं। जवाब में राहुल गांधी ने अपनी पूरी यात्रा के अनुभव साझा किए और बताया कि इस पदयात्रा में हजारों लोग उनके साथ जुड़े थे। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें हर धर्म और वर्ग के लोग शामिल हुए—हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य समुदायों के लोग एक साथ चले। राहुल ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और आपसी भाईचारे का संदेश देना था।
मेहनत और असफलता पर राहुल का संदेश
एक छात्र के सवाल पर राहुल गांधी ने सफलता और असफलता को लेकर युवाओं को अहम सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता आसानी से नहीं मिलती। इसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है और रास्ते में कई बार हार या असफलता का सामना करना पड़ता है।
राहुल ने कहा, “आप कई बार गिरोगे, फेल होगे, लेकिन रुकना नहीं है। मेहनत करते रहो। एक दिन जरूर आएगा जब आप सफलता का स्वाद चखोगे।” उन्होंने युवाओं को रोज मेहनत करने और धैर्य बनाए रखने की सलाह दी।
पहचान, मकसद और मानसिक दबाव पर चर्चा
इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं की पहचान, जीवन के मकसद और आज की पीढ़ी पर पड़ने वाले मानसिक दबावों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि चर्चा में GenZ की कई अहम चिंताओं को उठाया गया, जैसे प्रोफेशन और पैशन के बीच संतुलन बनाना, सोचने और खुद को अभिव्यक्त करने की आजादी, नए अनुभवों को एक्सप्लोर करना, एंग्जायटी से निपटना और समाज के जजमेंट से उबरना।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि खुलकर और ईमानदारी से जीने से कई शंकाएं अपने आप दूर हो जाती हैं।
आत्मविश्वास और डर से निपटने की सीख
कई छात्रों ने राहुल गांधी से साझा किया कि वे आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं और जज किए जाने के डर से खुद को असहज पाते हैं। इस पर राहुल ने कहा कि ऐसी कमियां लगभग हर इंसान में होती हैं, लेकिन इन्हें दूर करने की जिम्मेदारी खुद की होती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे परीक्षा में हम तैयारी और हिम्मत के साथ बैठते हैं, वैसे ही जीवन की चुनौतियों का भी सामना किया जा सकता है। जरूरत है खुद पर लगातार काम करने की।
‘खुद के प्रति सच्चे रहना सबसे जरूरी’
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि समाज अक्सर लोगों को लेबल और धारणाओं के आधार पर परिभाषित करने की कोशिश करता है। लेकिन असली मायने यह रखता है कि आप खुद के प्रति कितने सच्चे हैं।
उन्होंने GenZ को संदेश देते हुए कहा, “जिंदगी में कुछ भी सीधा नहीं होता। लचीले रहो, लगे रहो और खुद पर भरोसा रखो।”
इस बातचीत की खास बात यह रही कि इसमें “असली सवाल, ईमानदार जवाब और बिना किसी फिल्टर के संवाद” देखने को मिला, जिसने युवाओं के साथ राहुल गांधी के जुड़ाव को और गहरा किया।














